लखनऊ। हिन्दुस्तान सिटी न्यूज

विश्व युवा कौशल दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश सरकार के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता विभाग द्वारा बुधवार, 15 जुलाई 2026 को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान, गोमती नगर, लखनऊ स्थित मार्फी हॉल में प्रातः 10:00 बजे भव्य राज्यस्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा।

कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग करेंगे तथा उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन (UPSDM) एवं राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) से प्रशिक्षण प्राप्त कर रोजगार एवं उद्यमिता के माध्यम से आत्मनिर्भर बने 400 युवाओं को सम्मानित करेंगे। इस वर्ष के आयोजन का मूल संदेश है— “कौशल से स्वावलंबन, स्वावलंबन से सम्मान।”
विश्व युवा कौशल दिवस पर मंत्री कपिल देव का युवाओं से आह्वान
कौशल ही विकसित भारत और विकसित उत्तर प्रदेश की सबसे मजबूत आधारशिला, युवा बनें रोजगार मांगने वाले नहीं, बल्कि रोजगार सृजित करने वाले- कपिल देव
विश्व युवा कौशल दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश सरकार के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता विभाग के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने प्रदेश के युवाओं से कौशल विकास को अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि आज के बदलते वैश्विक परिवेश में किसी भी राष्ट्र की वास्तविक शक्ति उसके प्राकृतिक संसाधनों से अधिक उसके कुशल, प्रशिक्षित और नवाचार से युक्त मानव संसाधन में निहित होती है। भारत आज विश्व का सबसे युवा देश है और यह जनसांख्यिकीय शक्ति तभी विकसित भारत की आधारशिला बनेगी, जब युवाओं को आधुनिक तकनीकों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण कौशल प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने भी शिक्षा को केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित न रखकर व्यक्ति के सर्वांगीण विकास, आत्मनिर्भरता और उत्पादन से जोड़ने की अवधारणा प्रस्तुत की थी। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यही विचार स्किल इंडिया मिशन, आत्मनिर्भर भारत अभियान, मेक इन इंडिया, डिजिटल इंडिया, स्टार्टअप इंडिया तथा प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना जैसे ऐतिहासिक अभियानों के माध्यम से जनआंदोलन का स्वरूप ले चुका है। प्रधानमंत्री का स्पष्ट विजन है कि देश का युवा केवल रोजगार प्राप्त करने वाला नहीं, बल्कि रोजगार उपलब्ध कराने वाला बने।
मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश कौशल विकास, निवेश, औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन का प्रमुख केंद्र बनकर उभरा है। प्रदेश सरकार ने कौशल विकास को अपनी विकास नीति के केंद्र में रखते हुए प्रशिक्षण संस्थानों का विस्तार, आधुनिक तकनीकों पर आधारित पाठ्यक्रम, उद्योगों के साथ समन्वय तथा युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए अनेक प्रभावी कदम उठाए हैं।
उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन (UPSDM) के माध्यम से अब तक 14 लाख से अधिक युवाओं को कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया जा चुका है, जबकि 5.65 लाख से अधिक प्रशिक्षित युवाओं को रोजगार अथवा स्वरोजगार के अवसर प्राप्त हुए हैं। वर्तमान में 49 लाख से अधिक युवा UPSDM पोर्टल पर पंजीकृत हैं, जो प्रदेश के युवाओं का सरकार की कौशल विकास नीतियों पर बढ़ते विश्वास का प्रमाण है। मिशन के अंतर्गत 53 विभिन्न क्षेत्रों की 654 ट्रेडों में उद्योगों की वर्तमान एवं भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में वर्तमान में लगभग 330 राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) संचालित हैं, जिनकी वार्षिक प्रशिक्षण क्षमता 1.84 लाख से अधिक सीटों की है। इन संस्थानों में 98 से अधिक ट्रेडों में प्रशिक्षण दिया जा रहा है तथा प्रशिक्षण की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए 1,510 प्रशिक्षकों की नियुक्ति की गई है। साथ ही संस्थानों का आधुनिकीकरण, स्मार्ट लैब, आधुनिक मशीनरी एवं उद्योग आधारित प्रशिक्षण व्यवस्था को निरंतर सुदृढ़ किया जा रहा है।
मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की भावना के अनुरूप ‘प्रोजेक्ट प्रवीण’ के माध्यम से विद्यालयी शिक्षा में व्यावसायिक शिक्षा का समावेश किया जा रहा है, जिससे विद्यार्थियों में प्रारंभिक स्तर से ही व्यावहारिक कौशल, नवाचार और उद्यमिता की भावना विकसित हो सके।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), रोबोटिक्स, डेटा एनालिटिक्स, ड्रोन तकनीक, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), सेमीकंडक्टर निर्माण, इलेक्ट्रिक वाहन, नवीकरणीय ऊर्जा, हरित प्रौद्योगिकी और उन्नत विनिर्माण का युग है। उत्तर प्रदेश सरकार इन उभरते क्षेत्रों में युवाओं को प्रशिक्षित कर उन्हें वैश्विक प्रतिस्पर्धा के अनुरूप तैयार कर रही है, ताकि प्रदेश का युवा भविष्य की अर्थव्यवस्था का नेतृत्व कर सके।
मंत्री ने कहा कि कौशल विकास केवल रोजगार उपलब्ध कराने का माध्यम नहीं, बल्कि सामाजिक एवं आर्थिक परिवर्तन का प्रभावी साधन भी है। प्रदेश सरकार महिलाओं, ग्रामीण युवाओं, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अल्पसंख्यक समुदाय तथा आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के युवाओं को विशेष रूप से कौशल प्रशिक्षण से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य कर रही है। महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश में 12 राजकीय महिला औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान भी संचालित किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार ने आने वाले वर्षों में एक करोड़ युवाओं को कौशल प्रशिक्षण प्रदान करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है। यह लक्ष्य केवल संख्या नहीं, बल्कि विकसित भारत के निर्माण में उत्तर प्रदेश की निर्णायक भूमिका का प्रतीक है।
विश्व युवा कौशल दिवस के अवसर पर मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने प्रदेश के सभी युवाओं से आह्वान किया कि वे कौशल अर्जन को निरंतर चलने वाली प्रक्रिया के रूप में अपनाएं, नई तकनीकों को सीखें, उद्यमिता को बढ़ावा दें, नवाचार की सोच विकसित करें और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं।
उन्होंने कहा कि विकसित भारत-2047 के राष्ट्रीय संकल्प को साकार करने में उत्तर प्रदेश की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होगी और इस परिवर्तन के सबसे बड़े वाहक प्रदेश के कुशल, प्रशिक्षित एवं आत्मनिर्भर युवा होंगे।
कुशल युवा, सक्षम समाज और समृद्ध राष्ट्र—यही विकसित उत्तर प्रदेश और विकसित भारत का मार्ग है।





