मुजफ्फरनगर। हिन्दुस्तान सिटी न्यूज

कृषि विभाग के द्वारा बघरा में स्थित कृषि विज्ञान केंद्र में आयोजित उत्तर प्रदेश के ग्रो सेफ फूड अभियान के अंतर्गत एक वृहद किसान जागरूकता एवं तकनीकी प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि उप निदेशक (कृषि रक्षा) विकास कुमार ने किसानों से कहा कि खेतों में रसायनों का अनसमझा और अनियंत्रित प्रयोग आज हमारे समूचे अस्तित्व के लिए खतरे की घंटी बन चुका है। उन्होंने किसानों को प्रतिबंधित कीटनाशकों का कतई प्रयोग न करने की सख्त सलाह दी।


उन्होंने कहा कि हर किसान को प्रतिबंधित दवाओं की सूची की जानकारी होना अनिवार्य है। इसके विकल्प के रूप में उन्होंने लाइट ट्रेप, फेरोमोन ट्रेप और पीले चिपचिपे (स्ट्रिकी) ट्रेप जैसी पर्यावरण-अनुकूल तकनीकों के प्रति जागरूक किया। जिला कृषि रक्षा अधिकारी राहुल तेवतिया ने कीटनाशी विक्रेताओं को आड़े हाथों लेते हुए सख्त हिदायत दी कि वे नियमों के अनुसार ही कीटनाशी दवाओं की बिक्री करें और किसानों को रशीद अनिवार्य रूप से दें। नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ विभाग द्वारा सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. वीरेंद्र सिंह ने समन्वित कीट प्रबंधन, सोलर लाइट ट्रेप की उपयोगिता तथा गन्ने की फसल में संतुलित खादों के प्रयोग के बारे में विस्तार से समझाया। कीटनाशी कंपनी के प्रतिनिधि बृजेश कुमार ने किसानों के समक्ष पीपीई किट का लाइव प्रदर्शन किया और सुरक्षित तरीके से कीटनाशकों के उपयोग की विधि बताई। कृषि वैज्ञानिक डॉ. सविता ने अपने किचन गार्डन में जहरीले रासायनिक कीटनाशकों के प्रयोग से पूरी तरह बचने की अपील की। उन्होंने एक बेहद उपयोगी घरेलू नुस्खा बताते हुए कहा कि सब्जियों को कीटनाशकों के प्रभाव से मुक्त करने के लिए पकाने से पहले नमक के पानी में 1 से 1.5 घंटा भिगोकर अवश्य रखें।





