मुजफ्फरनगर। हिन्दुस्तान सिटी न्यूज

जिला उद्यान अधिकारी अवनीश कुमार श्रीवास्तव ने बताया है कि उद्यान विभाग द्वारा निजी शीतगृहों में आलू के भण्डारण प्रभार पर अनुदान की योजना प्रारम्भ की गयी है, जिसका लाभ लेने हेतु कृषकों को विभाग के पोर्टल पर ऑन लाईन पंजीकरण कराना होगा। यह पंजीकरण कृषक स्वंय अथवा जन सेवा केन्द्र के माध्यम से करा सकते हैं। पजीकरण के दौरान कृषकों को अपना आधार कार्ड, बैंक पासबुक / चैकबुक, खसरा खतौनी, भण्डारण एवं निकासी रसीद का विवरण पोर्टल पर अपलोड कराना होगा। पंजीकरण के उपरान्त सभी प्रपत्रों को आवश्यक रूप से कार्यालय जिला उद्यान अधिकारी में किसी भी कार्य दिवस में प्रपत्र जमा करा सकते हैं।

उन्होंने कहा कि अधिकतम अनुमन्य क्षेत्रफल 2.00 हैक्टर एवं अनुमन्य मात्रा 200 कुन्तल प्रति हेक्टर आलू की खेती करने वाले कृषकों को योजनान्तर्गत आलू के भण्डारण प्रभार पर रूपये 100 प्रति कुन्तल की दर से भंण्डारण प्रभार में छूट दी जायेगी। छूट प्रदान करने की अधिकतम अनुमन्य मात्रा 200 कुन्तल होगी। इस प्रकार योजनान्तर्गत प्रति कृषक अधिकतम रूपये 20 हजार का अनुदान देय होगा।
किसानों को आलू का भाव गिरने पर भामाशाह भाव स्थिरता कोष के तहत मिलेगा अनुदान-
बाजार में आलू के भाव में होने वाली गिरावट से किसानों को होने वाले आर्थिक नुकसान से बचाने के लिये प्रदेश सरकार ने भामाशाह भाव स्थिरता कोष के तहत कृषकों को अनुदान देने की योजना प्रारम्भ की गयी है।
उन्होंने कहा कि बाजार में आलू का भाव निर्धारित स्तर से नीचे जाने पर किसानों को अनुदान दिया जायेगा, इसके तहत निर्धारित लागत का 25 प्रतिशत अथवा उत्पादन लागत एवं बिक्री मूल्य के अन्तर में से जो भी कम होगा, उसकी प्रति पूर्ति अनुदान के रूप में की जायेगी। यह लाभ प्रति किसान अधिकतम 02 हैक्टर आलू रोपित क्षेत्रफल और प्रति हैक्टर अधिकतम 240 कुन्तल उत्पादन तक सीमित रहेगा। इस योजना में एक कृषक को अधिकतम 200 कुन्तल तक बिक्री पर लाभ दिया जा सकेगा। आलू रोपित क्षेत्रफल का निर्धारण अध्यतन निर्गत खसरा खतौनी के आधार पर निर्धारित होगा।
इस योजना का लाभ उन्ही कृषकों को प्राप्त होगा जो कृषक आई.डी. धारक होंगे एवं एग्रीस्टैक पोर्टल पर आलू उत्पादक कृषकों के रूप में पंजीकृत होंगे। इस योजना का लाभ लेने हेतु कृषकों को पोर्टल पर ऑन लाईन पंजीकरण स्वयं अथवा जनसेवा केन्द्र के माध्यम से कराना होगा, आवेदन हेतु फोटो युक्त वैध पहचान पत्र, आंधार कार्ड की छायाप्रति, बैंक पास बुक की छायाप्रति, खसरा खतौनी, गेट पास एवं प्रपत्र-06 (व्यापारी एवं आलू कृषक के मध्य क्रय विक्रय का विवरण) की छायाप्रति अनिवार्य है। पंजीकरण के उपरान्त सभी प्रपत्रों को आवश्यक रूप से कार्यालय जिला उद्यान अधिकारी कार्यालय में किसी भी कार्य दिवस में प्रपत्र जमा करा सकते हैं।






