मुजफ्फरनगर। हिन्दुस्तान सिटी न्यूज

डीएम और सीडीओ के निर्देशन मे “एक विद्यालय एक खेल” के अंतर्गत भूपेंद्र सिंह ,प्रभारी क्रीड़ाधिकारी मुजफ्फरनगर ( पूर्व कोच under -19, पुरुष इंडिया टीम बॉक्सिंग गेम) द्वारा कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, नगरीय क्षेत्र सर्कुलर रोड मुजफ्फरनगर में छात्राओं/ खिलाड़ियों को राज्य/ राष्ट्रीय/ अंतर्राष्ट्रीय पटल पर लाने हेतु प्रोत्साहित किया एवं बालिकाओं को वर्ल्ड चैंपियन मैरीकॉम का प्रेरणादायक वीडियो क्लिप दिखाकर आत्मरक्षा के लिए एवं बॉक्सिंग खेल में आगे आने के लिए प्रोत्साहित किया।


भारत की प्रमुख महिला मुक्केबाज एमसी मैरी कॉम (MC Mary Kom): ‘मैग्निफिसेंट मैरी’
मणिपुर के एक गरीब किसान परिवार में जन्मीं मैरी कॉम का पूरा नाम मंगते चुंगनेइजैंग ‘मैरी’ कॉम है।
बचपन से ही वह एक प्रतिभाशाली एथलीट रही।
1998 के एशियन गेम्स में मणिपुर के डिंको सिंह की गोल्ड मेडल जीत से प्रेरित होकर उन्होंने बॉक्सिंग को अपना करियर बनाने का फैसला किया।
अपने सपने को पूरा करने के लिए मैरी कॉम ने 15 साल की उम्र में इम्फाल स्पोर्ट्स अकादमी में ट्रेनिंग शुरू की।
साल 2001 में मैरी कॉम ने पहली बार वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप में हिस्सा लिया और सिल्वर मेडल जीता। इसके बाद उन्होंने सात वर्ल्ड चैंपियनशिप मेडल और जीते, जिनमें से छह गोल्ड (2002, 2005, 2006, 2008, 2010, 2018) और एक ब्रॉन्ज 2019 रहे।
साल 2002 में वर्ल्ड चैंपियनशिप का गोल्ड मेडल जीतकर मैरी कॉम ऐसा करने वाली पहली भारतीय बॉक्सर बनीं
भूपेंद्र सिंह ने खेल विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के बारे में भी बालिकाओं को अवगत कराया।
भूपेंद्र सिंह प्रभारी क्रीड़ाधिकारी द्वारा कस्तूरबा गांधी विद्यालय सर्कुलर रोड मुजफ्फरनगर मैं बालिकाओं को स्वयं बॉक्सिंग खेल का प्रशिक्षण देने के लिए विद्यालय को चयनित किया गया।
इस अवसर पर डॉ• राजीव सदस्य (बाल कल्याण समिति मुजफ्फरनगर) द्वारा भी छात्राओं को खेल के प्रति प्रेरित किया गया
एवं बॉक्सिंग गेम में अपना कैरियर बनाने हेतु आह्वान किया गया।





