मुजफ्फरनगर। हिंदुस्तान सिटी न्यूज

लखनऊ में कोचिंग सेंटर में हुए हृदयविदारक अग्निकांड के बाद मुजफ्फरनगर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। जिलेभर में कोचिंग सेंटर, लाइब्रेरी, नर्सिंग होम, होटल और अन्य सार्वजनिक संस्थानों पर संयुक्त निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है। सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ सीलिंग और नोटिस की कार्रवाई लगातार जारी है। वशीकरण में आज प्रशासनिक टीम ने रुड़की रोड स्थित अल-हबीब काम्प्लेक्स और मेरठ रोड स्थित यूनिक प्लाजा को सील कर दिया। इन दोनों बिल्डिंगों में फायर फायर फाइटिंग की कोई व्यवस्था नहीं थी और एमडीए से स्वीकृत कर गया था।


सिटी मजिस्ट्रेट पंकज प्रकाश राठौर ने बताया कि नावेल्टी चौक के निकट स्थित एक कॉम्प्लेक्स का निरीक्षण किया गया, जहां 20 से अधिक दुकानें संचालित हो रही थीं। जांच में पाया गया कि बेसमेंट में अवैध रूप से दुकानें बनाई गई थीं और भवन एमडीए से स्वीकृत नहीं था। साथ ही परिसर में फायर सेफ्टी की कोई प्रभावी व्यवस्था नहीं मिली। अग्निशमन पाइपलाइन भी खाली पाई गई। इन गंभीर खामियों के चलते दोनों कॉम्प्लेक्सों को तत्काल सील कर दिया गया।

उन्होंने बताया कि एक रेस्टोरेंट का सीटिंग एरिया पूर्व में प्रशासन द्वारा सील किया गया था, लेकिन संचालकों ने सरकारी सील तोड़कर उसे दोबारा चालू कर दिया। इस मामले में नगर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया गया है।
मुख्य अग्निशमन अधिकारी अनुराग कुमार ने बताया कि निरीक्षण के दौरान अल हबीब कॉम्प्लेक्स में न तो फायर विभाग की एनओसी मिली और न ही अग्निशमन के पर्याप्त संसाधन उपलब्ध थे। भवन में केवल एक ही सीढ़ी होने के कारण आपात स्थिति में लोगों की सुरक्षा गंभीर रूप से प्रभावित हो सकती है। एमडीए की स्वीकृति भी नहीं होने के कारण भवन को सील कर दिया गया।
उन्होंने बताया कि अब तक जिले में कोचिंग संस्थानों, लाइब्रेरी, नर्सिंग होम सहित कुल 24 संस्थानों को सील किया जा चुका है, जबकि 30 से 35 सार्वजनिक भवनों को सुरक्षा व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के लिए नोटिस जारी किए गए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा





