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वेतन न मिलने के विरोध में पालिका के कर्मचारियों ने किया कार्य बहिष्कार, धरने पर बैठे

मुजफ्फरनगर। हिन्दुस्तान सिटी न्यूज


नगर पालिका के कर्मचारियों ने वेतन के विवाद को लेकर मंगलवार को कार्यालय की तालाबंदी करते हुए काम बंद हडताल कर दी है। स्वायत्त शासन कर्मचारी संगठन के नेतृत्व में कर्मचारी नगर पालिका में धरने पर बैठ गए। कर्मचारियों का कहना है कि जबतक मांगे पूरी नहीं होती कार्य बहिष्कार रहेंगा। गुस्साए कर्मचारियों ने ईओ पर अपमानित और उत्पीड़न करने के गंभीर आरोप भी लगाए है।
नगर पालिका में कार्यरत एई निर्माण नेपाल सिंह, कार्यवाहक कर अधीक्षक पारूल यादव, प्रवीण कुमार, फिरोज खान, राजीव वर्मा, नितिन कुमार, शोभित सिंघल, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी वसीम अहमद, अरूण कुमार, इमरान, बिजेन्द्र कुमार आदि का विभिन्न मामलों के कारण वेतन रोका गया था। संगठन शाखा अध्यक्ष ब्रजमोहन और महामंत्री सुनिल वर्मा के द्वारा इस संबंध में ईओ को ज्ञापन दिया गया। तीन दिन का समय दिया गया, लेकिन वेतन जारी नहीं किये जाने पर मंगलवार की सुबह संगठन के आह्नान पर कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार करते हुए कार्यालय का तालाबंद दिया। वहीं पालिका में धरने पर बैठ गए। स्वायत्त शासन कर्मचारी संगठन शाखा अध्यक्ष ब्रजमोहन ने बताया कि सोमवार को भी वेतन बहाली का कोई आश्वासन नहीं मिला, जिसके चलते कर्मचारियों के हितों को लेकर मंगलवार से कार्य बहिष्कार करते हुए नगर पालिका में बेमियादी धरना शुरू करने के लिए वो विवश हुए हैं। वेतन रोके जाने पर उन्हें मानसिक व आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा भी कर्मचारियों को कार्यालयों में और सार्वजनिक स्तर पर भी अपशब्द कहकर अपमानित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस दौरान मोहन वैद, मंडल अध्यक्ष मौहम्मद सालिम, अरविंद कुमार, ब्रजमोहन, सुनील वर्मा, गोपीचंद वर्मा, प्रवीण कुमार, गगन महेन्द्रा, नितिन कुमार, फिरोज खान, नदीम खान, मैनपाल सिंह, राजीव वर्मा, दुष्यंत कुमार, अशोक कुमार आदि मौजूद रहे।

बंद रहे बिलिंग काउंटर, जमा नहीं हुआ हाउस और वाटर टैक्स
मुजफ्फरनगर। कर्मचारियों के कार्य बहिष्कार को लेकर पहली बार नगर पालिका के बिलिंग काउंटर बंद रहे है। जिस दौरान कोई वॉटर और हाउस टैक्स जमा नहीं हो पाया है। नगर पालिका में टैक्स जमा करने के लिए काफी लोग आए है। कर जमा न होने के कारण उक्त लोग निराश होकर चले गए। कार्यालयों में ठेका कर्मचारी के रूप में कार्य करने वाले कम्प्यूटर ऑपरेटर और दूसरे अन्य कर्मियों को भी कार्यालयों से बाहर निकालकर ताला लगा दिया गया।

ईओ व लेखाकार में हुई झडप
मुजफ्फरनगर। कर्मचारियों की हड़ताल के दौरान ईओ ने अपने कार्यालय में लेखाकार को तलब किया। ईओ ने कहा कि संगठन का पत्र सोमवार को डाक में मिला। उसी समय उन्होंने लेखाकार को कर्मचारियों का वेतन जारी करने के लिए पत्र पर आदेश करते हुए तत्काल पालन के लिए कहा। लेकिन लेखाकार प्रीति रानी के द्वारा आदेश का पालन नहीं किया गया। ईओ के जवाब में लेखाकार ने बताया कि उन्होंने पत्र कार्यवाहक टीएस पारूल यादव को भेज दिया था, क्योंकि आपने वेतन रोके जाने पर आख्या देने के लिए आदेश किया था, वेतन जारी करने के लिए कोई आदेश नहीं दिया। ईओ ने इसे झूठ बताते हुए कार्यवाही की चेतावनी दी तो लेखाकार प्रीति रानी ने ईओ से अभद्रता की। लेखाकार प्रीति रानी का कहना है कि उनको अपमानित किया गया, जबकि वेतन जारी करने का कोई आदेश उनको नहीं मिला है।

ईओ ने बताया

वेतन का कोई मुद्दा नहीं था, एक साजिश के तहत कर्मचारियों ने कामबंद हडताल की है। सोमवार की शाम पालिकाध्यक्ष से हुई संगठन नेताओं की वार्ता के बाद हड़ताल न करने की सहमति बन गई थी, इसके साथ ही उन्होंने भी वेतन जारी करने के आदेश दिये थे। लेखाकार को वेतन से संबंधित पत्र मार्क किया गया। उनके स्तर से वेतन नहीं मिल पाया। मेरे पर लगाए गए सभी अरोप गलत है।
डा. प्रज्ञा सिंह, ईओ नगर पालिका

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