मुजफ्फरनगर। हिन्दुस्तान सिटी न्यूज

बासमती धान की गुणवत्ता और निर्यात मानकों को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार ने प्रदेश के 30 प्रमुख बासमती उत्पादक जिलों में 11 रासायनिक दवाओं के प्रयोग पर प्रतिबंध लगाया है। इन जिलों में मुजफ्फरनगर भी शामिल है। कृषि रक्षा अधिकारी राहुल तेवतिया ने किसानों और कृषि रसायन विक्रेताओं से प्रतिबंधित दवाओं का प्रयोग एवं बिक्री नहीं करने की अपील की है।
कृषि रक्षा अधिकारी राहुल तेवतिया ने बताया कि बासमती धान में कीट एवं रोग नियंत्रण के लिए ट्राइसाइक्लाजोल, बुप्रोफेजिन, एसीफेट, क्लोरपायरीफॉस, टेबुकोनाजोल, प्रोपिकोनाजोल, थायोसेथॉक्साम, प्रोफेनोफॉस, इमिडाक्लोप्रिड, कार्वेडाजिम और कार्बोफ्यूरान को प्रतिबंधित किया गया है। उन्होंने कहा कि किसान फसल में इन रासायनिक दवाओं का किसी भी स्थिति में इस्तेमाल न करें। उन्होंने बताया कि बासमती धान का उत्पादन करने वाले किसानों को कीट एवं रोग नियंत्रण के लिए एकीकृत कीट एवं रोग प्रबंधन (आईपीएम) मॉड्यूल को अपनाना चाहिए। इसके साथ ही फसल में आवश्यकता के अनुसार स्वीकृत और सुरक्षित विकल्पों का ही प्रयोग किया जाए। उन्होंने कृषि रसायन विक्रेताओं को भी निर्देशों का पालन करने तथा प्रतिबंधित रसायनों की बिक्री से बचने को कहा है। उन्होंने किसानों से अपील की कि धान की फसल में किसी भी दवा का प्रयोग करने से पहले उसकी स्वीकृति और अनुशंसित मात्रा की जानकारी अवश्य प्राप्त करें।







