मुजफ्फरनगर। हिन्दुस्तान सिटी न्यूज

डीएम उमेश मिश्रा ने जनपद में भूजल दोहन करने वाले सभी श्रेणी के उपभोक्ताओं को सात दिन के अंदर उत्तर प्रदेश भूगर्भ जल विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) व पंजीकरण प्रमाण पत्र प्राप्त करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही वर्षा जल रिचार्ज के लिए अपनाई गई व्यवस्था की वर्तमान स्थिति की रिपोर्ट और संबंधित अभिलेख भी निर्धारित अवधि में उपलब्ध कराने को कहा गया है।
डीएम उमेश मिश्रा ने बताया कि उत्तर प्रदेश भूगर्भ जल (प्रबन्धन एवं विनियमन) अधिनियम-2019, राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के दिशा-निर्देशों तथा पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम-1986 के प्रावधानों के तहत भूजल का दोहन भूगर्भ जल विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त करने के बाद ही किया जा सकता है। केंद्रीय भूजल प्राधिकरण की वर्ष 2020 में अधिसूचना प्रख्यापित होने के बाद यह व्यवस्था लागू है। उन्होंने कहा कि जनपद में उद्योग, व्यवसाय, अवसंरचनात्मक परियोजनाओं और अन्य संस्थानों द्वारा किए जा रहे भूजल दोहन के संबंध में नियमानुसार प्रमाण पत्र प्राप्त करना आवश्यक है। ऐसे सभी भूजल उपभोक्ताओं को सात दिवस के भीतर एनओसी व पंजीकरण प्रमाण पत्र प्राप्त कराना होगा। इसके साथ ही उनके परिसर में वर्षा जल संचयन एवं रिचार्ज के लिए अपनाई गई व्यवस्था की वर्तमान स्थिति की रिपोर्ट और अभिलेख नोडल अधिकारी, जिला भूगर्भ जल प्रबंधन परिषद, मुजफ्फरनगर के समक्ष प्रस्तुत करने होंगे।

नियमों का पालन न करने पर होगी कार्रवाई
मुजफ्फरनगर। डीएम ने बताया कि निर्धारित अवधि में प्रमाण पत्र और आवश्यक अभिलेख प्रस्तुत नहीं करने पर संबंधित उद्योग, व्यवसाय, अवसंरचनात्मक परियोजना व समूह पर नियमानुसार अर्थदंड के साथ पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति भी अधिरोपित की जाएगी। इसके अलावा संबंधित के विरुद्ध विधिक कार्रवाई शुरू की जा सकती है। प्रशासन ने भूजल उपभोक्ताओं से निर्धारित समय में प्रक्रिया पूरी करने की अपील की है।






