मुजफ्फरनगर। हिन्दुस्तान सिटी न्यूज

कृषि विभाग में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वालों का थाना सिविल लाइन पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को पकडा है। पुलिस ने इनके कब्जे से 01 ब्रेजा कार UP14 DS 7020, 03 मोबाइल फोन, 02 एटीएम कार्ड, 02 मेट्रो कार्ड, 04 आधार कार्ड, कृषि एवं कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार के फर्जी एम्प्लॉय रजिस्ट्रेशन एवं ज्वाइनिंग लेटर की 03 प्रतियां, इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के एप्लीकेशन फार्म की 04 प्रतियां, विभिन्न अभ्यर्थियों के नाम से तैयार 14 अन्य दस्तावेज बरामद किए है।

19 जून को दीपक पुत्र भूप सिंह निवासी ग्राम मन्धेड़ा थाना शाहपुर जनपद मुजफ्फरनगर द्वारा थाना सिविल लाइन पुलिस को लिखित तहरीर देते हुए बताया कि अभियुक्तगण द्वारा नौकरी के नाम पर ₹1,50,000/- लेकर फर्जी ज्वाइनिंग लेटर दिया गया। प्राप्त तहरीर के आधार पर थाना सिविल लाइन पर मु0अ0सं0-150/2026 धारा 318(4)/336(3)/338/340(2) बीएनएस पंजीकृत किया गया तथा अभियुक्तगण की गिरफ्तारी हेतु टीम गठित की गयी । गठित टीम द्वारा 02 अभियुक्तगण को गिरफ्तार करते हुए उनके कब्जे से 01 ब्रेजा कार UP14 DS 7020, 03 मोबाइल फोन, 02 एटीएम कार्ड, 02 मेट्रो कार्ड, 04 आधार कार्ड, कृषि एवं कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार के फर्जी एम्प्लॉय रजिस्ट्रेशन एवं ज्वाइनिंग लेटर की 03 प्रतियां, इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के एप्लीकेशन फार्म की 04 प्रतियां, विभिन्न अभ्यर्थियों के नाम से तैयार 14 अन्य दस्तावेज बरामद किये गये। अभियुक्तगण की गिरफ्तारी व बरामदगी के सम्बन्ध में थाना सिविल लाइन पुलिस द्वारा अग्रिम विधिक कार्यवाही की जा रही है।
गिरफ्तार अभियुक्तों के नाम व पता-
1. नितिन पुत्र सतीश कुमार, हाल निवासी मकान नं0-257, गली नं0-4, प्रेम विहार, करावल नगर, दिल्ली, मूल निवासी ग्राम वीनडा, थाना कैराना, जनपद शामली, उत्तर प्रदेश।
2. दीपक पुत्र वीरेन्द्र पाल, निवासी सी-19 बी, मेहता भवन रोड, इन्द्रापुरी कॉलोनी, थाना लोनी बॉर्डर, जनपद गाजियाबाद।
पूछताछ का विवरण- पूछताछ के दौरान अभियुक्तगण द्वारा बताया गया कि हम लोग नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं को अपने जाल में फंसाते थे तथा कृषि विभाग में संविदा पर नियुक्ति कराने का भरोसा देकर पहले विश्वास जीतते थे और फिर उनसे बड़ी रकम वसूलते थे। इसके बाद फर्जी ऑफर लेटर, नियुक्ति पत्र एवं अन्य कूटरचित दस्तावेज युवाओं को सौंप दिए जाते थे। जब तक पीड़ितों को ठगी का अहसास होता, तब तक हम लाखों रुपये लेकर फरार हो चुके होते थे।
अभियुक्तों ने अपने नाम व पहचान बदलकर कई जनपद जैसे मुजफ्फरनगर, गाजियाबाद, शामली, मऊ, आजमगढ़, सहारनपुर तथा दिल्ली, हरियाणा, चण्डीगढ़ एवं पंजाब राज्यों में युवाओं को अपना शिकार बनाया है। अभियुक्त सबसे पहले सरकारी विभागों में दस्तावेजों की स्कैनिंग हेतु आवश्यक अभ्यर्थियों की भर्ती हेतु फर्जी विज्ञापन निकालते थे। थाना सिविल लाइन पुलिस द्वारा इस गिरोह के फार्वर्ड व बैकवर्ड लिंकेज की जानकारी की जा रही है साथ ही विस्तृत आपराधिक इतिहास की भी जानकारी की जा रही है।





