मुजफ्फरनगर। हिन्दुस्तान सिटी न्यूज

प्रशासक बने ग्राम प्रधानों में शासनादेश को लेकर असमंजस बना हुआ है। जिसे कारण प्रशासक प्रधान विकास भवन में स्थित डीपीआरओ कार्यालय में पहुंचे। डीपीआरओ रेनू श्रीवास्तव ने ग्राम प्रधानों को शासनादेश के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नए कार्यों को लेकर आईडी बनेंगी और डीएम से अनुमति लेनी पडेगी, लेकिन रूटीन कार्यों को कराने के लिए किसी की अनुमति की आवश्यकता नहीं है।
जनपद की 487 ग्राम पंचायतों में छह माह के लिए ग्राम प्रधानों को ही प्रशासक नियुक्त किया गया है। इनके लिए शासन स्तर से कुछ आदेश भी जारी हुए है। जिसे लेकर सभी प्रशासक असमंजस की स्थित में है। अभी हाल में इस संबंध में प्रशासक ग्राम प्रधानों के द्वारा बडी बैठक की गई थी। जिसमें जनपद के जनप्रतिनिधि भी शामिल थे। इस बैठक में डीपीआरओ पर भी गंभीर आरोप लगाए गए थे। शासनादेश में उलझे प्रशासक मंगलवार को डीपीआरओ कार्यालय में पहुंचे। उन्होेंने डीपीआरओ रेनू श्रीवास्तव से मुलाकात करते हुए शासनादेश की विस्तार से जानकारी चाही। डीपीआरओ रेनू श्रीवास्तव ने प्रशासकों को जानकारी देते हुए बताया कि किसी पुराने कार्य और रूटीन कार्यों को कराने के लिए किसी की अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है, लेकिन नए कार्य कराने के लिए आईडी बनेगी और डीएम से अनुमति लेनी होगी। डीपीआरओ की बात सुनकर प्रशासक संतुष्ट हो गए।






