मुजफ्फरनगर। हिन्दुस्तान सिटी न्यूज

आडिट में सामने आयी वित्तीय अनियिमतता के बाद भी तत्कालीन छह ग्राम प्रधान और सचिवों के द्वारा 34.90 लाख की धनराशि जमा नहीं की गई। जबकि उक्त रिवकरी को जमा कराने के लिए डीपीआरओ रेनू श्रीवास्तव के द्वारा उक्त प्रधान और सचिवों को नोटिस भेजा गया था। इसके बावजूद भी उक्त ने रिवकरी जमा नहीं की है। पैसा जमा न होने पर अब इन ग्राम प्रधान और सचिव की आरसी जारी की गई है। वहीं चुनाव लडने के लिए नोड्यूज नहीं मिलेंगा।
वर्ष 2018-19 में हुए विकास कार्यों को लेकर छह ग्राम पंचायतों का आडिट हुआ है। जिसमें काफी वित्तीय अनियमितता पायी गई है। ओडिट के दौरान संबंधित तत्कालीन ग्राम प्रधान और सचिव के द्वारा दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए है। इस मामले में ग्राम पंचायत शकरपुर के तत्कालीन ग्राम प्रधान ओमवीर और सचिव सोहनवीर पर 4 लाख 38 हजार 745 रुपए की रिकवरी निकली है। ग्राम पंचायत धमात के तत्कालीन प्रधान स्नेहलता और सचिव सोहनवीर पर 5 लाख 4 हजार 908 रुपए की रिकवरी निकली है। ग्राम पंचायत बरला के तत्कालीन प्रधान बेबी त्यागी और सचिव विक्रांत कुमार पर 15 लाख 98 हजार 592 रुपए की रिकवरी निकली है। ग्राम पंचायत साल्हाखेडी के तत्कालीन प्रधान सुरेन्द्र सिंह और सचिव सिद्धार्थ राज पर 50 हजार की रिकवरी निकली है। ग्राम पंचायत शाहजुड्डी के तत्कालीन प्रधान रोहित कुमार और सचिव यज्ञदेव आर्य, शिवनन्दन पर 3 लाख 84 हजार 890 रुपए की रिकवरी निकली है। ग्राम पंचायत रसूलपुर जाटान के तत्कालीन प्रधान सुनीता और सचिव कुलवंद चन्द्रा पर 5 लाख 13 हजार 82 रुपए की रिकवरी निकली है। रिकवरी नोटिस के बाद भी इनके द्वारा पैसा जमा नहीं कराया गया। डीपीआरओ रेनू श्रीवास्तव ने बताया कि तत्कालीन इन ग्राम प्रधान और सचिव की आरसी जारी की गई है। जो सचिव अभी रिटायर्ड नहीं हुए है उनके वेतन से पैसा काटा जाएगा। अन्य सभी से अब तहसील स्तर से रिकवरी की कार्रवाई होगी।







