मुजफ्फरनगर। हिंदुस्तान सिटी न्यूज


भारतीय किसान यूनियन (तोमर) के बैनर तले किसानों और आम जनता की समस्याओं को लेकर एआरटीओ कार्यालय पर प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन के बाद प्रशासनिक हलके में खलबली मच गई। एआरटीओ अजय मिश्रा के आश्वासन पर यूनियन के पदाधिकारी वार्ता के लिए राजी हुए, जिसके बाद रोडवेज के एआरएम कार्यालय पर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। हालांकि, एआरटीओ, एआरएम और सीओ सिटी की मौजूदगी में करीब डेढ़ घंटे चली यह वार्ता पूरी तरह बेनतीजा रही भाकियू (तोमर) के युवा जिलाध्यक्ष सोनू चौधरी और कार्यकारी प्रदेश प्रभारी ने आरटीओ प्रशासन पर तीखे प्रहार किए। यूनियन नेताओं का आरोप है कि एआरटीओ कार्यालय में किसानों और आम जनता का उत्पीड़न किया जा रहा है। कार्यालय में बिना ‘सुविधा शुल्क’ (रिश्वत) के कोई भी काम नहीं होता है। इसके अलावा ड्राइविंग लाइसेंस (DL), वाहनों की फिटनेस और रजिस्ट्रेशन के नाम पर जनता से पांच गुना तक अतिरिक्त पैसे वसूले जा रहे हैं बैठक में मौजूद किसान नेता अजय त्यागी ने मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा के संचालन पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा: माननीय मुख्यमंत्री जी ने ग्रामीण बस सेवा इसलिए शुरू की थी ताकि सुदूर देहात के किसानों और ग्रामीणों को शहर से सीधे जोड़ा जा सके। लेकिन अधिकारी और वाहन स्वामी मिलकर मुख्यमंत्री के इस सपने को चकनाचूर कर रहे हैं।”अजय त्यागी ने आरोप लगाया कि पुरकाजी ब्लॉक के गांवों के लिए आवंटित की गईं बसें अपने निर्धारित ग्रामीण रूटों पर न चलकर, सिर्फ अपनी जेबें भरने के लिए सीध ‘मुजफ्फरनगर-पुरकाजी-मुजफ्फरनगर’ हाईवे मार्ग पर दौड़ रही हैं। इन बसों में रोडवेज के तय किराए से भी ₹10 अधिक वसूला जा रहा है। किसानों ने शिकायत दर्ज कराई कि इन ग्रामीण बसों के संचालक जिला अस्पताल के इमरजेंसी गेट के सामने गाड़ियां खड़ी कर सवारियों को गुमराह करते हैं, जिससे आपातकालीन मरीजों को भारी परेशानी होती है। इसके बावजूद मुजफ्फरनगर एआरएम और ट्रैफिक पुलिस इन पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रही है। जल्द समाधान का मिला आश्वासन वार्ता बेनतीजा रहने के बाद भी अधिकारियों ने किसानों के गुस्से को देखते हुए जल्द ही इन सभी मामलों की जांच कराकर त्वरित समाधान कराने का मजबूत आश्वासन दिया है।


इस मौके पर मुख्य रूप से मंडल उपाध्यक्ष साजिद अल्वी, साजिद चौधरी, नौशाद, अरुण कश्यप, ईशराईल त्यागी, राजन चौधरी समेत दर्जनों किसान व यूनियन कार्यकर्ता उपस्थित रहे।





