मुजफ्फरनगर। हिन्दुस्तान सिटी न्यूज

मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन बस सेवा से जुड़े प्राइवेट ऑपरेटर्स ने सोमवार को रूडकी रोड स्थित एक रेस्टारेंट में प्रेसवार्ता की है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि किसान सेना के कारण मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन बस सेवा प्रभावित हो रही है। डग्गामार वाहनों के प्रभाव के कारण योजना का सुचारु संचालन संभव नहीं हो पा रहा है। ऑपरेटर्स का कहना है कि किसान सेना के पदाधिकारी द्वारा बस सेवा को रुकवाने के लिए निराधार आरोप लगाए जा रहे हैं तथा अनावश्यक विवाद खड़े किए जा रहे हैं।
प्राइवेट ऑपरेटर्स विनोद त्यागी, विपिन गोयल ने बताया कि जनपद में योजना के तहत 39 बसों के संचालन का लक्ष्य निर्धारित किया गया। जिनमें से 26 बसों के लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता वाली समिति द्वारा परमिट जारी किए जा चुके हैं। बस संचालकों से पांच हजार रुपये एकमुश्त शुल्क लिया गया है, जबकि रोडवेज डिपो द्वारा पार्किंग रॉयल्टी के रूप में प्रतिमाह 1500 रुपये भी वसूले जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि योजना के अंतर्गत गांवों से ब्लॉक मुख्यालय तथा ब्लॉक से जिला मुख्यालय तक बस संचालन के लिए अनुमति दी गई है। इसके बावजूद पुलिस द्वारा बसों के चालान किए जा रहे हैं। अब तक करीब 100 से अधिक चालान किए जा चुके हैं, जिससे आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। बस संचालकों का कहना है कि उन्होंने यातायात व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए संचालन की विशेष व्यवस्था बनाई है, जिसके तहत एक समय में मुख्यालय पर केवल एक बस ही पहुंचेगी। वे यातायात पुलिस के सभी नियमों का पालन करने के लिए तैयार हैं, लेकिन प्रशासन को पहले डग्गामार वाहनों पर प्रभावी कार्रवाई करनी चाहिए। डग्गामार वाहन चला रहे लोगों से मोटा पैसा भी वसूल किया जा रहा है, इसकी जांच होनी आवश्यक है। ऑपरेटर्स ने कहा कि हमने अधिकारियों को बताया कि अवैध वाहनों के संचालन के कारण कई ग्रामीण क्षेत्रों में तनाव की स्थिति बन रही है और आए दिन विवाद एवं झगड़े हो रहे हैं। समस्याओं के समाधान को लेकर अधिकारियों के साथ हुई बैठक में प्रशासन ने 15 दिन के भीतर आवश्यक कार्रवाई और समाधान का आश्वासन दिया है। जिला प्रशासन के द्वारा कोई सहयोग नहीं किया जा रहा है। इस दौरान विपिन कुमार गोयल, अजय मान, विनोद तयागी, तौसीफ फारूकी, योगेन्द्र पाल, सलेक मलिक, राहुल मलिक, विकास जैन, संजय मलिक, राहुल जैन आदि मौजूद रहे।





