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निजीकरण और कर्मचारियों के उत्पीडन के विरोध में संघर्ष समिति के नेतृत्व में जोरदार प्रदर्शन

मुजफ्फरनगर। हिन्दुस्तान सिटी न्यूज

निजीकरण की नीतियों एवं बिजली कर्मियों पर हो रहे उत्पीड़न के विरोध में चलाए जा रहे प्रदेशव्यापी जन-जागरण अभियान के अंतर्गत शुक्रवार को बिजली कर्मचारियों द्वारा बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किया गया। संघर्ष समिति के आह्वान पर पिछले 506 दिनों से चल रहे इस आंदोलन के तहत बिजली कर्मी पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम एवं दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण के निर्णय का पुरजोर विरोध कर रहे हैं। साथ ही मार्च 2023 से आंदोलन के दौरान बिजली कर्मियों पर की गई सभी उत्पीड़नात्मक कार्यवाहियों को तत्काल वापस लेने की मांग भी प्रमुख रूप से उठाई जा रही है।


अधीक्षण अभियंता कार्यालय के सभागार में बिजली विभाग के कर्मचारियों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया। संघर्ष समिति के केंद्रीय पदाधिकारियों जितेंद्र सिंह गुर्जर, मोहम्मद वसीम एवं निखिल कुमार ने कहा कि शांतिपूर्ण एवं कार्यालय समय के उपरांत किए जा रहे विरोध प्रदर्शनों के बावजूद कर्मचारियों का उत्पीड़न जारी है। जो अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि प्रदेश के ऊर्जा मंत्री द्वारा 19 मार्च को दिए गए निर्देशों के बावजूद मार्च 2023 की सांकेतिक हड़ताल के दौरान की गई कार्यवाहियां अब तक वापस नहीं ली गई हैं। बल्कि नई कार्रवाई लगातार की जा रही हैं। जिससे कर्मचारियों में भारी रोष व्याप्त है। संघर्ष समिति ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि प्रबंधन शीघ्र ही वार्ता कर समाधान नहीं निकालता और उत्पीड़न की कार्यवाहियां समाप्त नहीं होतीं, तो आने वाली गर्मियों में बिजली व्यवस्था प्रभावित होने की संपूर्ण जिम्मेदारी प्रबंधन की होगी। संघर्ष समिति ने यह भी कहा कि शीर्ष प्रबंधन की अव्यवस्थित कार्यशैली के कारण राजधानी लखनऊ सहित प्रदेश के कई क्षेत्रों में उपभोक्ता लगातार सड़कों पर उतर रहे हैं। विद्युत कार्यालयों का घेराव कर रहे हैं तथा अधिकारियों-कर्मचारियों को बंधक बनाने जैसी घटनाएं सामने आ रही हैं। यदि यही स्थिति बनी रही, तो गर्मियों में हालात और गंभीर हो सकते हैं। संघर्ष समिति प्रदेशभर में कर्मचारियों एवं उपभोक्ताओं को साथ लेकर जन-जागरण अभियान जारी रखे हुए है और जनता को आगाह कर रही है कि प्रबंधन की प्राथमिकता बिजली व्यवस्था को सुदृढ़ करना नहीं, बल्कि निजीकरण को आगे बढ़ाना है, जिसके चलते कर्मचारियों का उत्पीड़न किया जा रहा है। प्रदर्शन के दौरान रवि कुमार, रावेन्द्र कुमार, मुकेश कुमार, विजय कुमार, कुलदीप कुमार, संजय सिंह, आकाश कुमार, अंकित कुमार, संतोष कुमार, सतेन्द्र कुमार, रवि मौर्या, चिराग कुमार, चंदन कुमार, शैलेन्द्र दुबे आदि उपस्थित रहे।

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