मुजफ्फरनगर। हिन्दुस्तान सिटी न्यूज

अब उर्वरक की कालाबाजरी और ओवर रेटिंग की तो सीधे एनएसए की कार्रवाई होगी। इस संबंध में जिला कृषि अधिकारी राहुल तेवतिया ने जनपद के सभी थोक, बफर उर्वरक विक्रेता, प्रदायकर्ता उर्वरक कम्पनी और उर्वरक विनिर्मातओं को कडी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि कोई भी विक्रेता मुख्य उर्वरक के साथ किसी अन्य उत्पाद की टैगिंग नहीं करेंगा। वहीं आपूर्तिकर्ता कम्पनी भी आपूर्ति के समय अन्य टैगिंग उत्पाद न भेजें।
जिला कृषि अधिकारी ने समस्त उर्वरक विनिर्माता, थोक विक्रेता, प्रदायकर्ता आदि को निर्देशित किया है कि उच्चाधिकारियों व उर्वरक निरीक्षक के निरीक्षण के समय आपके विकय/गोदाम परिसर में उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 में दिये गये निर्देशों का कडाई से पालन करना सुनिश्चित करें। यदि भविष्य में निरीक्षण के समय आपके परिसर में उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 के अन्तर्गत उर्वरक की बिक्री व रखरखाव नही पाया जाता तो उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 एंव आवश्यक वस्तु अधिनियम-1955 के अन्तर्गत सुसंगत धाराओं के तहत वैधानिक कार्यवाही अमल में लायी जायेगी। उर्वरको के साथ किसी भी प्रकार की टैगिंग ओवर रेटिंग तथा काला बाजारी करने वालों पर एनएसए जैसी प्रभावी कार्यवाही कर दी जायेगी। जनपद में पीओएस मशीन में डीबीटी प्रोजेक्ट के अन्तर्गत एल-0 से एल-1 में बदलवाने में सहयोग करते हुए सभी विक्रेता अपनी-अपनी पोस मशीन अपडेट करना सुनिश्चित करें। जनपद में वितरण की समस्या उत्पन्न न हो। किसानो को कोई भी समस्या उत्पन्न होती है तो सम्बधित के विरूद्ध उर्वरक नियत्रण आदेश 1985 के अन्तर्गत दंडात्मक कार्यवाही की जायेगी।







