मुजफ्फरनगर। हिन्दुस्तान सिटी न्यूज

प्रमुख सचिव कृषि के आदेश पर डीएम उमेश मिश्रा के निर्देशन में कृषि विभाग के तीन अधिकारियों ने उर्वरक विक्रेताओं और विनिर्माताओं और गोदाम आदि पर रेड की। कृषि विभाग की रेड से खतौली, बुढाना, सदर और जानसठ क्षेत्र में हडकम्प मच गया। तीन सदस्य टीम ने 30 स्थानों पर छापेमारी करते हुए उर्वरक के 18 नमूने लेकर जांच के लिए भेजे। वहीं चार दुकानदारों को नोटिस और चार दुकानदारों को चेतावनी दी है।
मंगलवार को डीएम के आदेश पर उप कृषि निदेशक प्रमोद सिरोही ने खतौली और बुढाना क्षेत्र में रेड की। इस दौरान उन्होंने 12 दुकानों पर छापेमारी करते हुए उर्वरक के मात्र दो नमूने लिए। वहीं चार दुकानदारों को नोटिस दिया है। जिला कृषि अधिकारी राहुल तेवतिया ने सदर क्षेत्र में जानसठ रोड स्थित राम पोटास और सपन फर्टिलाइजर फैक्ट्री में चैकिंग की। इस दौरान कोई अनियमितता व खामी नहीं मिली। उन्होंने 10 स्थानों पर छापेमारी करते हुए 10 नमूाने उर्वरक के लिए है। वहीं एक दुकानदार को चेतावनी दी है। वरिष्ठ प्राविधिक सहायक शुभम नामदेव ने जानसठ क्षेत्र में 8 दुकानों पर छापेमारी करते हुए उर्वरक के 6 नमूने लिए। वहीं तीन दुकानदारों को चेतावनी दी।

पिछली रेड में कृषि विभाग के एक अधिकारी ने वापस कर दिया था नमूना
मुजफ्फरनगर। पिछले दिनों शासन के आदेश पर कृषि विभाग के अधिकारियों ने रेड की। इस दौरान कृषि विभाग के एक बडे अधिकारी ने सिखेडा के समीप स्थित एक फैक्ट्री से कीटाशक दवा का नमूना लिया, लेकिन उसे जांच के लिए लैब में नहीं भेजा। बताया जाता है कि यह नमूना रेड का समय खत्म होने के बाद शाम में करीब साढे पांच बजे लिया गया। उक्त अधिकारी के द्वारा सुविधा शुल्क मांगा जा रहा था। इस बीच उक्त पीडित ने इसकी जानकारी एक किसान संगठन को दी। किसान संगठन के पदाधिकारी उक्त अधिकारी के पास पहुंचे और कडी नाराजगी जताई। बताया जाता है कि विरोध बढने पर उक्त अधिकारी ने कीटनाशक का नमूना वापस कर दिया।






