मुजफ्फरनगर। हिंदुस्तान सिटी न्यूज

जिला सहकारी बैंक के सभापति ठाकुर रामनाथ सिंह समेत तीन संचालकों के पद पर हाईकोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है। समितियों के पुनर्गठन के बाद उनके प्रतिनिधि पद की वैधता को लेकर दाखिल याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फैसला सुनाते हुए तीनों संचालकों को पदमुक्त कर दिया है।
मामला जिला सहकारी बैंक के सभापति ठाकुर रामनाथ सिंह के साथ संचालक पंकज पाल और बिजेंद्र सिंह मलिक एडवोकेट से जुड़ा था। तीनों अलग-अलग सहकारी समितियों के प्रतिनिधि के रूप में जिला सहकारी बैंक के संचालक चुने गए थे।

विवाद की मुख्य वजह सहकारी समितियों का पुनर्गठन और विभाजन था। संचालक मंडल के चुनाव के समय मुजफ्फरनगर और शामली में कुल 102 समितियां थीं, जबकि पुनर्गठन के बाद इनकी संख्या बढ़कर 122 हो गई। याचिका में तर्क दिया गया कि जिन पुरानी समितियों से ये संचालक प्रतिनिधि चुने गए थे, उनके विभाजन के बाद पुरानी समितियों के बोर्ड समाप्त हो गए। ऐसे में संबंधित संचालकों की प्रतिनिधि के रूप में वैधता भी समाप्त हो गई।






