मुजफ्फरनगर। हिन्दुस्तान सिटी न्यूज

प्रदेश में गोवंश संरक्षण, संवर्धन और गौशालाओं की व्यवस्थाओं को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश गौ सेवा आयोग के उपाध्यक्ष महेश कुमार शुक्ल एवं सदस्य दीपक गोयल ने जनपद मुजफ्फरनगर का विस्तृत भ्रमण किया। इस भ्रमण कार्यक्रम के दौरान आयोग के पदाधिकारियों ने क्षेत्र की प्रमुख गौशालाओं और संरक्षण केंद्रों का स्थल निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया।


प्रमुख गौ-संरक्षण केंद्रों का किया गहन निरीक्षण
भ्रमण के दौरान माननीय उपाध्यक्ष एवं सदस्य ने तुगलकपुर (पुरकाजी) स्थित विशाल काऊ सेंचुरी, विकासखंड सदर के अंतर्गत रामपुर तिराहा स्थित गौशाला तथा विकासखंड चरथावल की पीपल शाह गौशाला का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने गौशालाओं में संरक्षित गोवंश के स्वास्थ्य, उनके खान-पान, पेयजल, शेड और सुरक्षा प्रबंधों की व्यापक समीक्षा की।
गुणवत्तापूर्ण आहार और वैज्ञानिक रखरखाव पर जोर
निरीक्षण के दौरान गौशालाओं की व्यवस्था पर असंतोष व्यक्त करते हुए और सुधार के लिए माननीय उपाध्यक्ष ने संबंधित अधिकारियों व गौशाला प्रबंधकों को स्पष्ट निर्देश दिए।
गोवंश के बेहतर स्वास्थ्य और पोषण को ध्यान में रखते हुए पारंपरिक चोकर के स्थान पर उच्च गुणवत्तायुक्त संतुलित ‘पशु आहार’ देने के निर्देश दिए। बाड़ों में गोवंश को बांधकर रखने के बजाय खुला छोड़ने की व्यवस्था की जाए। इसके साथ ही, सुरक्षा की दृष्टि से बड़े-छोटे पशुओं और मादा पशुओं को अलग-अलग श्रेणीबद्ध बाड़ों में रखने की हिदायत दी।
गोवंश के भरण-पोषण, आमद-रफ्त (आवक-जावक) और स्वास्थ्य जांच से संबंधित सभी अभिलेखों व रजिस्टरों को पूर्ण और पारदर्शी बनाए रखने के सख्त निर्देश दिए।
सफाई व्यवस्था: गौशाला परिसर में नियमित रूप से साफ-सफाई और संक्रामक बीमारियों से बचाव के लिए छिड़काव सुनिश्चित करने को कहा गया।
उपाध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि दिए गए सभी निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन कराने की जिम्मेदारी संबंधित खंड विकास अधिकारियों तथा नगर निकायों के अधिशासी अधिकारियों की होगी। यदि निरीक्षण में किसी भी स्तर पर लापरवाही या अभिलेखों में हेरफेर पाई जाती है, तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस दौरान
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ जितेंद्र गुप्ता सहित अन्य स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी, पशु चिकित्सा विभाग के चिकित्सक एवं गौशालाओं का संचालन करने वाले कर्मचारी उपस्थित रहे।






