Home » उत्तर प्रदेश » मुजफ्फरनगर » पुरानी पेंशन बहाली और सेवारत शिक्षकों पर TET अनिवार्यता के विरोध में मुजफ्फरनगर में गूंजी तिरंगे की हुंकार

पुरानी पेंशन बहाली और सेवारत शिक्षकों पर TET अनिवार्यता के विरोध में मुजफ्फरनगर में गूंजी तिरंगे की हुंकार

मुजफ्फरनगर। हिंदुस्तान सिटी न्यूज

राष्ट्रीय कार्यकारिणी एनएमओपीएस एवं प्रदेशीय कार्यकारिणी अटेवा के संयुक्त आह्वान पर पुरानी पेंशन बहाली मंच–अटेवा, मुजफ्फरनगर के बैनर तले शुक्रवार, 21 अगस्त 2026 को पुरानी पेंशन बहाली, एनपीएस/यूपीएस व्यवस्था के विरोध तथा सेवारत शिक्षकों पर TET अनिवार्यता के विरोध में विराट तिरंगा यात्रा का आयोजन किया गया। इस यात्रा में जनपद के विभिन्न विभागों के हजारों शिक्षक, कर्मचारी एवं अधिकारी बाइक/स्कूटी पर तिरंगा लेकर सड़कों पर उतरे और अपनी मांगों के समर्थन में जोरदार आवाज बुलंद की। तिरंगा यात्रा का शुभारंभ जीआईसी ग्राउंड, महावीर चौक से होकर सर्कुलर रोड, सुजडू चुंगी, मीनाक्षी चौक एवं शिव चौक से होते हुए

जिला कलेक्ट्रेट पहुँची। पूरे मार्ग में कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन बहाली तथा शिक्षकों/कर्मचारियों के हितों से जुड़े मुद्दों को लेकर नारे लगाते हुए सरकार का ध्यान अपनी मांगों की ओर आकर्षित किया।कलेक्ट्रेट पहुँचने के उपरांत प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी महोदय के माध्यम से माननीय प्रधानमंत्री एवं माननीय मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा और एनपीएस/यूपीएस के स्थान पर कर्मचारियों के हित में पुरानी पेंशन लागू करने तथा आर टी ई एक्ट से पूर्व सेवारत शिक्षकों पर TET की अनिवार्यता समाप्त करने की मांग उठाई। अटेवा सहारनपुर मंडल उपाध्यक्ष प्रीतवर्धन शर्मा ने कहा कि पुरानी पेंशन केवल कर्मचारियों के भविष्य की सुरक्षा का विषय नहीं, बल्कि उनके सम्मान और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ा प्रश्न है। उन्होंने कहा कि निजीकरण और नई पेंशन व्यवस्था के खिलाफ कर्मचारियों का संघर्ष व्यापक स्वरूप ले चुका है तथा मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा। अटेवा मुजफ्फरनगर के जिला अध्यक्ष डॉ. दीपक गर्ग ने कहा कि सेवारत शिक्षकों पर TET की अनिवार्यता का निर्णय शिक्षकों की वर्षों की सेवा और अनुभव को नजरअंदाज करने वाला है। उन्होंने कहा कि पुरानी पेंशन बहाली और शिक्षकों /कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए संगठन लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से लगातार संघर्ष करता रहेगा। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिला अध्यक्ष डॉ. संजीव लांबा ने कहा कि तिरंगा यात्रा कर्मचारियों की एकजुटता और लोकतांत्रिक चेतना का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि सरकार को कर्मचारियों की भावनाओं को गंभीरता से लेते हुए पुरानी पेंशन बहाली की दिशा में ठोस निर्णय लेना चाहिए, अन्यथा आंदोलन को प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर और व्यापक किया जाएगा। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि तिरंगा देश की एकता, लोकतांत्रिक और संवैधानिक अधिकारों का प्रतीक है। कर्मचारियों ने इसी तिरंगे के साथ अपने भविष्य की सामाजिक सुरक्षा और शिक्षक सम्मान से जुड़े मुद्दों को सरकार तक पहुँचाया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह संघर्ष किसी व्यक्ति या दल के विरुद्ध नहीं, बल्कि कर्मचारियों और शिक्षकों के न्यायसंगत अधिकारों के लिए है। तिरंगा यात्रा में जनपद के लगभग सभी प्रमुख विभागों से शिक्षक, कर्मचारी एवं अधिकारी शामिल हुए। इनमें बेसिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा, उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई, लोक निर्माण, जलकल, जीएसटी, आयकर, आईटीआई, कृषि, पशुपालन, समाज कल्याण, बाल पुष्टाहार, पंचायती राज, नगर पालिका, तहसील, कलेक्ट्रेट, रेलवे, विद्युत, डाक, रोजगार, दूरसंचार एवं राजस्व विभाग सहित अनेक विभागों के प्रतिनिधियों ने सक्रिय सहभागिता की। तिरंगा यात्रा की सफलता में मनोज कुमार, यशपाल अरोरा, रमेश चंद,विशाल भारद्वाज ,सुनील पंवार, संगीता जावला,सरिता चौधरी, सार्थक शर्मा, महेंद्र कुमार,प्रशांत शर्मा, संजय राठी,दीपक बाबरे,कपिल शर्मा, सुभाष यादव, सोमपाल, अनुज कुमार, अंकित कुमार, अशोक कुमार, रामरतन, रविन्द्र नागर, राकेश राठी, बी बी गुप्ता,बी आर शर्मा, यू सी वर्मा,अम्मार हैदर, संध्या रानी,हेम जैन, राजश्री शर्मा,छवि अग्रवाल, विपिन कुमारी,रीना यादव,बालेंद्र कुमार, शिवकुमार, संजीव बालियान, राहुल चौधरी, विजय त्यागी, मगनवीर सिंह, अमित बालियान, मनोज त्यागी, रोशन लाल, राजबल सिंह, अनिल सिंह, पासी राकेश, सुदेश चौधरी, फर्रुख हसन, बबीता, रूकमेश देवी,बबीता, सपना, प्रियंका, सविता, कीर्ति, विनिता,प्रदीप नागर, रामनिवास, कुलवंत सिंह, रोहित चौधरी, अजीत, अजय गुप्ता, संजीव जावला, अमित उपाध्याय, हरेंद्र मलिक,प्रमोद बच्चस, अनिरुद्ध उपमन्यु, दिवाकर शर्मा,भारत कुमार,गौरव चौधरी, अरुण कुमार, सुदेश कुमार, आदिश, अनार सिंह राणा,अजय पाल ,गया प्रशाद,रोशन लाल,अजय कुमार,राजीव कुमार, मनोज कौशिक, मोहनलाल,मौ अरशद,अश्वनी त्यागी, गौरव शर्मा, राजन कुमार, नितिन, सुधीर पोरिया,मुकीम, गौतम,विपिन सैनी, कृष्ण पाल, अमित तोमर,अनिल कुमार,अमजद सैफी,अविनाश, कुलदीप,सतीश, तेजपाल, धर्मदास,देवी सिंह,अमित शर्मा, नरेंद्र गिरि,अशोक पटेल,सहित अनेक पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों का महत्वपूर्ण सहयोग रहा। कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने सभी शिक्षक, कर्मचारी एवं अधिकारियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि तिरंगा यात्रा ने जनपद में कर्मचारी एकता और संघर्ष की नई मिसाल कायम की है। संगठन ने आने वाले समय में भी पुरानी पेंशन बहाली एवं शिक्षक हितों से जुड़े मुद्दों को लेकर संघर्ष जारी रखने का संकल्प दोहराया।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

राशिफल