मुजफ्फरनगर। हिन्दुस्तान सिटी न्यूज

अमोनियम सल्फेट उर्वरक को भ्रामक रूप से भारत एनपीके के नाम से विक्रय कर किसानों को गुमराह किया जा रहा है। इस मामले में भाकियू अराजनैतिक के राष्ट्रीय प्रवक्ता धर्मेन्द्र मलिक ने प्रमुख सचिव कृषि विभाग को पत्र लिखते हुए शिकायत की है। वहीं इस मामले में कार्रवाई की मांग भी की है। इसके अलावा उन्होंने संभावित उर्वरक घोटाले की जांच तथा दोषियों के विरुद्ध उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985 एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के अंतर्गत कठोर कार्रवाई किए जाने का भी अनुरोध किया है।
भाकियू राष्ट्रीय प्रवक्त धर्मेन्द्र मलिक ने बताया कि मुजफ्फरनगर, बिजनौर, शामली, सहारनपुर, हापुड़ आदि में बाजार में उपलब्ध अमोनियम सल्फेट उर्वरक के बैगों पर बड़े एवं प्रमुख अक्षरों में भारत एनपीके अंकित किया जा रहा है। जबकि वास्तविक उत्पाद अमोनियम सल्फेट है। प्रथम दृष्टया यह पैकेजिंग किसानों को भ्रमित करने, उत्पाद की वास्तविक पहचान छिपाने तथा एनपीके उर्वरक का आभास कराने का प्रयास प्रतीत होता है। किसानों के साथ धोखाधड़ी की श्रेणी में आता है। भ्रामक नामों, पैकेजिंग अथवा प्रस्तुतीकरण के माध्यम से उर्वरकों का विक्रय दंडनीय कृत्य है तथा ऐसे मामलों में उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985 एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के अंतर्गत कार्रवाई की जा सकती है। उन्होंने कहा कि कृषि विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय जांच समिति गठित की जाए। जुलाई माह में एनपीके उर्वरक आवंटन वाले सभी जनपदों से तत्काल रिपोर्ट तलब की जाए। संबंधित कंपनियों, थोक विक्रेताओं एवं फुटकर विक्रेताओं के स्टॉक की विशेष जांच कराई जाए। भ्रामक पैकेजिंग वाले समस्त उर्वरकों की बिक्री तत्काल प्रभाव से रोकी जाए। जांच पूरी होने तक संबंधित बैचों की आपूर्ति एवं वितरण पर रोक लगाई जाए। भ्रामक पैकेजिंग वाले बैगों को बाजार से वापस मंगाकर नियमानुसार संशोधित पैकेजिंग सुनिश्चित कराई जाए।






