मुजफ्फरनगर। हिन्दुस्तान सिटी न्यूज

नगर पालिका में चल रहे वाहन पार्किंग के मामले में चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरूप के द्वारा विशेष कदम उठाया गया है, लेकिन शिकायतकर्ता सभासद देवेश कौशिक ने चेयरपर्सन के द्वारा की गई कार्रवाई पर असंतोष प्रकट करते हुए सवाल खडे कर दिए है। चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरूप ने टाउन हॉल वाहन पार्किंग में हुए गडबडझाले में कार्रवाई करते हुए टैक्स विभाग से लिपिक प्रवीण कुमार को हटा कर मुख्य कार्यालय में संबद्ध कर दिया है। जबकि शिकायतकर्ता सभासद देवेश कौशिक का कहना है कि लिपिक प्रवीण कुमार को सस्पेंड करने की कार्रवाई होनी चाहिए। उधर चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरूप ने इस मामले की जांच के लिए एई जलकल अनुज कुमार, जेई निर्माण कपिल कुमार और प्रभारी टीएस पारूल यादव की तीन सदस्य जांच समिति बनाई है। जबकि तत्कालीन ईओ डा. प्रज्ञा सिंह इस मामले में जांच करते हुए लिपिक को दोषी माना है और उनके खिलाफ कठोर अनुशासनात्मम विभागीय कार्यवाही किए जाने की संस्तुति और जीएसटी सहित 24 लाख 23 हजार 799 रुपए की वसूली करने के लिए चेयरपर्सन को पत्र भेजा है। जब कोई बडा अधिकारी इसकी मामले की जांच कर चुका है तो फिर छोटे अधिकारी से उक्त प्रकरण की जांच कराना सहीं नहीं है। समिति में प्रभारी टीएस पारूल यादव को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है, जबिक उक्त वाहन पार्किंग के ठेके पर पारूल यादव के भी हस्ताक्षर है।

सभासद देवेश कौशिक ने 28 दिसम्बर 2025 में टाउन हाल पार्किंग के ठेके में हुए गडबडझाले की शिकायत तत्कालीन ईओ डा. प्रज्ञा सिंह से की थी। इसके बाद सभासद देवेश कौशिक ने इस मामले की शिकायत 5 फरवरी 2026 में डीएम उमेश मिश्रा से की। 8 फरवरी 2026 में डीएम के द्वारा जांच करने के लिए वरिष्ठ कोषाधिकारी और एडीएम न्यायिक की जांच समिति बनाई गई। उधर तत्कालीन ईओ डा. प्रज्ञा सिंह ने 27 फरवरी को लिपिक प्रवीण कुमार को पत्र भेजा। जिसमें उन्होंने ठेकेदार के चरित्र प्रमाण पत्र, हैसियत प्रमाण पत्र और मूल निवास प्रमाण पत्र की प्रतिलिपि उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। 4 मई 2026 को फिर से ईओ ने प्रवीण कुमार को पत्र भेजकर ठेकेदार से 24 लाख 23 हजार 799 धनराशि पालिका कोष में जमा करने के निर्देश दिए, लेकिन लिपिक के द्वारा कोई धनराशि पालिका कोष में उस समय तक जमा नहीं कराई गई। इसके बाद ईओ ने 13 मई 2026 को लिपिक प्रवीण कुमार के विरूद्ध कठोर अनुशासनात्मम विभागीय कार्यवाही किए जाने की संस्तुति करते हुए पत्र चेयरपर्सन को भेजा। वहीं जीएसटी सहित 24 लाख 23 हजार 799 रुपए की वसूली करने के लिए कहा गया। इस मामले में चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरूप ने कार्रवाई करते हुए लिपिक प्रवीण कुमार को टैक्स से हटाकर मुख्य कार्यलय में सम्बद्ध कर लिया है। वहीं इस मामले की जांच करने के लिए जलकल एई अनुज कुमार, निर्माण जेई कपिल कुमार और प्रभारी टीएस पारूल यादव की समिति बनाते हुए जांच करने के निर्देश दिए है।

इन्होंने बताया
टैक्स विभाग से लिपिक प्रवीण कुमार को हटा दिया गया है। उन्हें मुख्य कार्यालय में सम्बद्ध किया गया है। इस मामले की जांच करने के लिए तीन सदस्य समिति बनाई गई है। जिसमें एई जलकल अनुज कुमार, जई निर्माण कपिल कुमार और प्रभारी टीएस पारूल यादव है।
मीनाक्षी स्वरूप, चेयरपर्सन मुजफ्फरनगर

इन्होंने बताया
वाहन पार्किंग के मामले में जब तत्कालीन ईओ डा. प्रज्ञा सिंह लिपिक प्रवीण को दोषी मान चुकी है और प्रवीण कुमार के खिलाफ कठोर अनुशासनात्मम विभागीय कार्यवाही किए जाने की संस्तुति और जीएसटी सहित 24 लाख 23 हजार 799 रुपए की वसूली करने के लिए चेयरपर्सन को पत्र भेज चुकी है। फिर इस प्रकरण में किसी बडे अधिकारी से जांच करानी चाहिए ना कि एई जलकल, जेई निर्माण और प्रभारी टीएस से। जबकि उक्त ठेके पर प्रभारी टीएस पारूल यादव के हस्ताक्षर है। ऐसे में उन्हें ही जांच करने के आदेश जारी कर दिए गए, जो चेयरपर्सन पर कई सवाल खडे कर रहे है। प्रवीण कुमार को टैक्स से हटना कोई कार्रवाई नहीं है। चेयरपर्सन को प्रवीण कुमार को सस्पेंड करना चाहिए।
देवेश कौशिक, सभासद





