मुजफ्फरनगर। हिन्दुस्तान सिटी न्यूज

विश्व मलेरिया दिवस के अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी महोदय डॉ. सुनील तेवतिया ने जनपदवासियों को मलेरिया के प्रति जागरूक करते हुए कहा कि मलेरिया एक गंभीर लेकिन पूरी तरह से रोकथाम योग्य एवं उपचार योग्य बीमारी है। यदि समय रहते इसके लक्षणों की पहचान कर उपचार कराया जाए, तो इससे होने वाली जटिलताओं से बचा जा सकता है।

उन्होंने बताया कि मलेरिया एनॉफिलीज मादा मच्छर के काटने से फैलता है, जो प्रायः साफ पानी के जलभराव वाले स्थानों पर पनपता है।
सीएमओ ने बताया कि मलेरिया के प्रमुख लक्षणों में तेज बुखार, ठंड लगकर कंपकंपी आना, अत्यधिक पसीना आना, सिरदर्द, शरीर में दर्द, उल्टी एवं कमजोरी शामिल हैं। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जांच करानी चाहिए।
उन्होंने मलेरिया से बचाव के लिए घर और आसपास साफ-सफाई बनाए रखने, कहीं भी पानी जमा न होने देने, मच्छरदानी का प्रयोग करने तथा कूलर, गमले, टायर आदि में जमा पानी को नियमित रूप से बदलने की सलाह दी। साथ ही मच्छर भगाने वाले उपायों का उपयोग करने पर भी जोर दिया।
डॉ. सुनील तेवतिया ने कहा कि मलेरिया के खिलाफ लड़ाई में जनसहभागिता अत्यंत आवश्यक है। यदि सभी लोग मिलकर स्वच्छता का ध्यान रखें और मच्छरों के पनपने के स्थानों को समाप्त करें, तो इस बीमारी को प्रभावी रूप से नियंत्रित किया जा सकता है।
उन्होंने यह भी कहा कि वर्ष 2030 तक मलेरिया उन्मूलन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसके तहत पूरे विश्व से मलेरिया को समाप्त करने के लिए सामूहिक प्रयास किए जा रहे हैं। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रत्येक व्यक्ति की सहभागिता अत्यंत आवश्यक है।
इस अवसर पर जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. अलका सिंह ने भी लोगों से अपील की कि वे अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखें और मलेरिया से बचाव के उपायों को अपनाएं। उन्होंने अपील की कि किसी भी प्रकार के बुखार को नजरअंदाज न करें और तुरंत जांच एवं उपचार कराएं, ताकि मलेरिया को गंभीर होने से रोका जा सके।
उन्होंने यह भी बताया कि विश्व मलेरिया दिवस के अवसर पर जनपद में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिसके अंतर्गत विभिन्न विद्यालयों में जनजागरूकता गोष्ठियों का आयोजन कर विद्यार्थियों एवं आमजन को मलेरिया से बचाव के उपायों के बारे में जागरूक किया गया।






