मुजफ्फरनगर। हिन्दुस्तान सिटी न्यूज

शुक्रवार को कलेक्ट्रेट में आयोजित भाकियू की मासिक पंचायत में राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत ने कहा कि शुगर मिल चलने से पहले गन्ना मूल्य घोषित होना चाहिए। उन्होंने कहा कि 450 रुपए से 500 रुपए तक गन्ना मूल्य सरकार को घोषित करना चाहिए। ताकि किसानों को गन्ने की फसल का लागत के अनुसार उचित मूल्य मिल सके। भाकियू के पदाधिकारियों ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में किसी भी कीमत पर स्मार्ट मीटर लगने नहीं दिए जाएगे। उन्होंने टोढा बिजलीघर के जेई को दीपावली तक हटाने की मांग की है। किसानों ने 17 सूत्रीय मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम नगर मजिस्ट्रेट को ज्ञापन दिया है।
भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत ने कहा कि राजा वादा कर मुकर जाए यह देश का दुर्भाग्य है। वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी मेरठ में आयोजित एक रैली में आए थे। उस समय उन्होंने किसानों ने वादा किया था कि अगर हमारी सरकार बनती है तो किसानों को 450 रुपए प्रति कुंतल गन्ना मूल्य दिया जाएगा। उन्होंने पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से कहा कि संगठन को पहले से अधिक मजबूत करो। उन्होंने कहा कि यह सरकार बडी सख्त है। इस सरकार के कार्यकाल में कोई जेलभरो आंदोलन नहीं करना है। भाकियू के पदाधिकारी और किसानों ने स्मार्ट मीटर का जमकर विरोध किया है। उन्होंने कहा कि किसी भी कीमत पर गांव में स्मार्ट मीटर नहीं लगने दिए जाएगे। यदि पावर कारपोरेशन के अधिकारी स्मार्ट मीटर किसानों के यहां पर जबरदस्ती लाएगे तो वह इसका अंजाम पहले ही सोच ले। किसानों ने बुढाना के टोढा बिजलीघर के जेई पर गंभीर आरोप लगाते हुए दीपावली तक उसे हटाने की मांग की है। यदि जेई को नहीं हटाया गया तो उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है। इस दौरान भाकियू जिलाध्यक्ष नवीन राठी, ओमप्रकाश शर्मा, सुमित चौधरी, देव अहलावत, ओमपाल मलिक, चौधरी शक्ति सिंह, धीरज लाटीयान, श्यामपाल चेयरमैन, सत्येंद्र, जहीर फारूखी, नीरज पहलवान, योगेश शर्मा, विकास शर्मा, संजीव भारद्वाज, शाहिद आलम, बलराम सिंह आदि मौजूद रहे।







