मुजफ्फरनगर। हिन्दुस्तान सिटी न्यूज

रेलवे स्टेशन के पास श्री शनिदेव मंदिर के सामने स्लम बस्ती में चल रही पाठशाला को देखने के लिए स्वयं चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरूप पहुंची। यहां पर बिजली विभाग में कार्यरत एक कर्मचारी ड्यूटी के बाद स्लम बस्ती में गरीब बच्चों को निशुल्क शिक्षा प्रदान करता है। उसने अपनी पाठशाल का नाम सत्यम रखा हुआ है। चेयरपर्सन ने सत्यम की पाठशाला को सवारने के लिए हर संभव मद्द करने का आश्वासन दिया है।
नई मंडी निवासी भारत सिंघल सुजडू बिजलीघर पर मीटर विभाग में लिपिक के पद पर कार्यरत है। उनके द्वारा रेलवे स्टेशन मार्ग पर श्री शनिदेव मंदिर के सामने ही सत्यम की पाठशाला चलाई जा रही है। वो सरकारी ड्यूटी करने के बाद शाम पांच बजे से सात बजे तक यहां आकर स्लम बस्ती के गरीब बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा प्रदान कर रहे हैं। इसकी जानकारी मिलने पर चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरूप सत्यम की पाठशाला पहुंची। उन्होंने भारत सिंघल से मुलाकात की और बच्चों से भी वार्ता करते हुए उनके ज्ञान को परखा। बच्चों ने अपने अंदाज में विशेष स्वागत नमस्कार कर उनका अभिनंदन किया। भारत ने बताया कि उन्होंने करीब ढाई साल पहले एक बच्चे के साथ यह पाठशाला शुरू की। आज उनके यहां पर करीब 45 बच्चों का पंजीकरण है। जिनमें से 30 से 35 बच्चे प्रतिदिन उनके पास शिक्षा ग्रहण करने आते हैं। उनके लिए शिक्षा के साधन संसाधन और आवश्यक सामग्री उन्होंने स्वयं अपने स्तर से जुटाई, इस पाठशाला को उन्होंने स्मार्ट क्लास का रूप देने के लिए एलईडी भी लगवाई है। वो प्रतिमाह नौ हजार रुपये का किराया भी पाठशाला की जगह का अदा करते हैं। मीनाक्षी स्वरूप ने सभी बच्चों को शिक्षण सामग्री, पैन, पेंसिल, बॉक्स, शॉर्पनर, इरेजर आदि के साथ ही खाद्य सामग्री वितरित की। पालिकाध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप ने कहा कि वास्तव में भारत सिंघल का प्रयास पूरे समाज को प्रभावित करने वाला है।







