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अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस के अवसर पर श्रमिकों को किया सम्मानित

मुजफ्फरनगर। हिन्दुस्तान सिटी न्यूज

डीएम एवं मुख्य विकास अधिकारी  के निर्देशन व मार्गदर्शन में होली चाइल्ड पब्लिक इंटर कॉलेज में डॉ राजीव कुमार द्वारा अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस के अवसर पर श्रमिकों को सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर अपील की गई कि 14 वर्ष तक के बच्चों से बाल श्रम न करवाएं व उन सभी बच्चों को स्कूल भेजें तथा उत्तर प्रदेश को बाल श्रम मुक्त बनाने में सहयोग दें।

अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस, जिसे मजदूर दिवस या लेबर डे या मई डे के नाम से भी जाना जाता है।


प्रत्येक वर्ष 01 मई को सम्पूर्ण विश्व में मनाया जाता है।
यह दिन श्रमिकों की कड़ी मेहनत, समर्पण और उनके अधिकारों की रक्षा हेतु किये गये संघर्षों को सम्मान देने के लिए मनाया जाता है।
यह केवल एक अवकाश का दिन नहीं है, बल्कि श्रमिक वर्ग की सामाजिक और आर्थिक उपलब्धियों का उत्सव है।


अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस की शुरुआत 1886 में अमेरिका के शिकागो शहर से हुई, जब वहाँ के मज़दूरों ने 08 घंटे कार्य दिवस की माँग को लेकर एक बड़ा आंदोलन किया। उनकी मांग थी कि 08 घण्टे काम, 08 घण्टे विश्राम व 08 घण्टे मनोरंजन।
01 मई 1886 को हजारों श्रमिकों ने काम बंद कर दिया और सड़कों पर उतर आए।
यह जन आंदोलन हिंसक हो गया जिसमें काफी श्रमिक हिंसा का शिकार हो गए।

1889 में पेरिस में आयोजित द्वितीय इंटरनेशनल कांग्रेस में यह प्रस्ताव पारित किया गया कि 01 मई को अंतर्राष्ट्रीय मज़दूर दिवस के रूप में मनाया जाएगा।
तब से यह दिन विश्व के कई देशों में श्रमिकों के सम्मान में मनाया जाता है।

भारत में श्रमिक दिवस की शुरुआत:
भारत में श्रमिक दिवस पहली बार 01 मई 1923 को चेन्नई (तत्कालीन मद्रास) में मनाया गया था।
श्रमिक दिवस का उद्देश्य:
श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा करना
उन्हें सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना
काम के उचित घंटे सुनिश्चित करना
कार्यस्थल पर बेहतर वातावरण और सुरक्षा व्यवस्था का समर्थन
श्रमिकों के शोषण को रोकना।
श्रमिक दिवस का महत्व:
सामाजिक न्याय: यह दिवस श्रमिकों को समानता, न्याय और गरिमा का अधिकार दिलाने की प्रेरणा देता है।
श्रम की गरिमा: यह दिन बताता है कि श्रम कोई छोटा कार्य नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की नींव है।
एकजुटता का प्रतीक: यह मजदूर वर्ग की एकता और उनके संगठित प्रयासों का प्रतीक है।
नीतिगत बदलाव: श्रमिक दिवस ने कई देशों में श्रम संबंधी कानूनों और नीतियों के सुधार को प्रेरित किया है।
श्रमिकों के अधिकार:
उचित मजदूरी का अधिकार
स्वास्थ्य बीमा और सामाजिक सुरक्षा
सुरक्षित कार्य स्थल
सामूहिक संगठन और यूनियन बनाने का अधिकार
सप्ताह में कम से कम एक दिन की छुट्टी।
वर्तमान समय में श्रमिकों की स्थिति:
वर्तमान में तकनीकी विकास जैसे ए आई, वैश्वीकरण और गिग इकोनॉमी के चलते श्रम जगत में कई बदलाव आये हैं।
भारत सरकार एवं उत्तर प्रदेश सरकार श्रमिकों के कल्याण हेतु विभिन्न योजनाएं संचालित कर रही है।

अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस केवल एक तिथि नहीं, बल्कि श्रमिकों के संघर्ष, बलिदान और उनकी मेहनत का प्रतीक है। यह दिन हमें यह याद दिलाता है कि किसी भी राष्ट्र की प्रगति श्रमिकों की मेहनत पर निर्भर होती है। अतः उनका सम्मान और अधिकारों की रक्षा करना हम सभी की जिम्मेदारी है।
उक्त आयोजन के अंत में प्रवेन्द्र दहिया द्वारा आभार व्यक्त किया गया।

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