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पांच साल से भूमि पर कब्जा दिलाने के लिए भटक रहे दो किसानों ने मांगी आत्मदाह की अनुमति

मुजफ्फरनगर। हिंदुस्तान सिटी न्यूज

पिछले 5 साल से अपनी भूमि पर कब्जा दिलाने के लिए चकबंदी विभाग के चक्कर काट रहे दो किसानों ने किसान दिवस में पहुंच कर आत्मदाह की अनुमति मांगी है। इस पर एडीएम प्रशासन संजय कुमार ने तत्काल प्रभाव से चकबंदी अधिकारी को मौके पर किसान दिवस में बुलाया। चकबंदी अधिकारी ने एक सप्ताह के अंदर उक्त भूमि की पैमाइस कराने का आश्वासन दिया है।
जिला पंचायत के सभागार किसान दिवस का आयोजन किया गया। किसान दिवस में गांव लच्छेडा निवासी किसान विरेन्द्र कुमार और श्रीपाल कुमार पहुंचे। उन्होंने चकबंदी विभाग पर भ्र्ष्टाचार के गम्भीर आरोप लगया है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2021 में चकबंदी प्रक्रिया के दौरान पटवारी चकबंदी गौरव राणा व कानूनगो व सी०ओ० से भूमि खाली कराई गई थी। लेकिन भ्रष्टाचार के चलते विभाग ने आज तक प्रार्थी को उस भूमि पर कब्जा नही दिलाया। पिछले कई वर्षों से तहसील से लेकर जिला मुख्यालय के चक्कर काट रहे है। परन्तु चकंबदी विभाग के अधिकारियों ने जीरो टॉलरेंस नीति का मजाक बनाया हुआ है। बिना सुविधा शुल्क (रिश्वत) के कार्य करने को तैयार नही है। बार बार शिकायतों के बावजूद भी कोई सुनवाई न होने से हम आर्थिक और मांसिक स्थिति अत्यन्त देयनिय हो गई है। हमारे अपनी ही भूमि पर मुझे कब्जा न मिलना हमारा मौलिक अधिकारो का हनन है। यदि अगले सात या पन्द्रह दिनों के भीतर मुझे भूमि का भौतिक कब्जा नही दिलाया गया और भ्रष्टाचार अधिकारियो पर कार्यवाही नही हुई तो हमारे पास परिवार आत्मदाह करने के अलावा कोई विकल्प शेष नही रहेगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन व प्रशासन की होगी। दोनों किसानों ने आत्मदाह की अनुमति मांगी है। एडीएम प्रशासन संजय कुमार ने चकबंदी अधिकारी को एक सप्ताह के अंदर जांच पूरी करते हुए किसानों को उनकी भूमि पर कब्जा बुलाया जाए। भाकियू जिलाध्यक्ष नवीन राठी ने कहा कि अगर जनपद में कोई किसान आत्महत्या करता है तो कोई भी अधिकारी अपने कार्यालय बैठकर काम नहीं कर पाएगा।

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