मुजफ्फरनगर। हिन्दुस्तान सिटी न्यूज

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा पेश किए जाने वाले आगामी बजट से पहले किसान संगठनों ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। भारतीय किसान यूनियन (तोमर) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी संजीव तोमर ने अपने बयान में सरकार से बड़ी उम्मीदें जताते हुए किसानों के हित में कई क्रांतिकारी कदम उठाने की मांग की है। गन्ने की कीमत और कर्ज माफी पर जोर चौधरी संजीव तोमर ने स्पष्ट कहा कि प्रदेश का किसान बढ़ती लागत से परेशान है। उन्होंने मांग की है कि इस बजट में: गन्ने का भाव: लागत और महंगाई को देखते हुए गन्ने का रेट ₹500 प्रति क्विंटल घोषित किया जाए और जल्द से जल्द बकाया भुगतान और किसानों को आर्थिक तंगी से उबारने के लिए उनके सम्पूर्ण कर्ज की माफी की घोषणा की जाए। सब्सिडी और बिजली पर बड़ी मांग संगठन ने खेती के बुनियादी खर्चों को कम करने के लिए सरकार के सामने निम्नलिखित प्रस्ताव रखे हैं: मुफ्त बिजली: खेतों की सिंचाई के लिए बिजली को पूर्णतः निःशुल्क किया जाए।खाद और डाई (DAP) पर किसानों को 50% की सब्सिडी दी जाए ताकि खेती घाटे का सौदा न रहे कृषि कार्यों में प्रयुक्त होने वाले डीजल पर भी सब्सिडी का प्रावधान हो। खाद की किल्लत को दूर कर भरपूर मात्रा में इसकी उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। संजीव तोमर ने किसानों के भविष्य और सामाजिक सुरक्षा का मुद्दा उठाते हुए मांग की है कि 60 वर्ष की आयु पार कर चुके प्रत्येक किसान को ₹10,000 प्रति माह पेंशन दी जाए राष्ट्रीय अध्यक्ष का संदेश: “अगर सरकार इस बजट में इन मांगों पर ध्यान देती है, तो यह प्रदेश के अन्नदाता के लिए सच्ची राहत होगी। हम उम्मीद करते हैं कि मुख्यमंत्री किसानों के सम्मान और समृद्धि को सर्वोपरि रखेंगे।”







