मुजफ्फरनगर। हिन्दुस्तान सिटी न्यूज

मेरठ रोड स्थित कम्पनी बाग में काटे गए फलदायी पेडों के मामले में नया मोड आया है, वहीं नगर पालिका के अधिकारियों की पोल खुल गई है। नगर पालिका के अधिकारियों ने वन विभाग से गलत मूल्यांकन रिपोर्ट तैयार करायी है। वन विभाग के अधिकारियों ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए पूर्व मूल्यांकन रिपोर्ट को गलत बताया है वहीं इस प्रकरण में दोषी व्यक्ति, संस्था के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए ईओ को पत्र भेजा है। वन विभाग से आए इस पत्र से नगर पालिका में अफरा तफरी मच गई है।
कंपनी बाग में जल निगम की सीएंडडीएस नगरीय इकाई के द्वारा सौन्दर्यकरण कराया जा रहा है। इस दौरान कम्पनी बाग में फलदायी पेडों को काट दिया गया। 13 अक्टूबर को हुई नगर पालिका बोर्ड बैठक में इस मामले को चेयरपर्सन के समक्ष सभासदों के द्वारा उठाया गया। उधर सभासद राजीव शर्मा ने डीएम से इस मामले की शिकायत की। डीएम उमेश मिश्रा ने एडीएम प्रशासन और एसपी क्राइम को जांच सौंपते हुए रिपोर्ट मांगी, जो अभी लम्बित है। 6 नवम्बर को मुख्मयंत्री योगी आदित्यनाथ से इस मामले की शिकायत की गई। मुख्यमंत्री के विशेष सचिव इशान प्रताप सिंह ने मामले की जांच एसीएस वन एवं पर्यावरण को सौंपी है। इसी प्रकरण में डीएफओ राजीव कुमार का गलत रिपोर्ट दिये जाने पर तबादला कर दिया गया। नए डीएफओ अभिनव राज ने शासन के निर्देश पर कंपनी बाग से काटे गये पेड़ों का मूल्यांकन करने के लिए दोबारा स्थलीय निरीक्षण किया और पूर्व में विभागीय स्तर पर दी गई रिपोर्ट को खारिज कर दिया। नगर पालिका के द्वारा एक जामुन, एक सिरस एक पाम प्रजाति के वृक्षों का मूल्यांकन कराया गया, लेकिन फलदार पेड़ों, जिनमें एक अमरूद व दो बेल पत्थर प्रजाति के वृक्षों का मूल्यांकन नहीं कराया गया। बगैर मूल्यांकन कराए वृक्षों को गिराना या उनका पतन करना गैरकानूनी है, जो गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। डीएफओ ने ईओ को पत्र भेजकर संबंधित व्यक्ति, संस्था के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश दिए है।

सभासद राजीव शर्मा बोले, एनीमल वाइल्ड लाइफ एक्ट में भी कराएंगे कार्रवाई
मुजफ्फरनगर। इस प्रकरण में सभासद राजीव शर्मा ने कहा कि यह मामला बेहद गंभीर है। पालिका के अधिकारी और सम्बंधित ठेकेदार आपसी साठगांठ से कीमती पेड़ों का कटान कर अनुचित लाभ उठाने की साजिश रच रहे थे। उन्होंने कहा कि फलदार वृक्षों का कटान होने के साथ ही जीव हत्या भी की गई है। पेड़ों में पक्षियों के घौंसले थे, जिनमें नया जीवन भी पनप रहा था। वो नष्ट हुए हैं, इसमें हम जल्द ही एनीलम और वाल्ड लाइफ एक्ट के अन्तर्गत भी जांच की मांग करते हुए कार्रवाई कराएंगे।






