मुजफ्फरनगर। हिन्दुस्तान सिटी न्यूज

वित्तीय अनियमितता में फंसे ग्राम पंचायत कम्हेडा के सचिव फैसल अली को डीपीआरओ रेनू श्रीवास्तव ने कार्रवाई करते हुए सस्पेंड कर दिया। डीपीआरओ ने स्वयं गांव में पहुंच कर विभिन्न बिन्दुओं पर जांच पडताल की है। जांच में 17.43 लाख का भुगतान ई-ग्राम स्वराज पोर्टल से कर पिछले वर्षों की आईडी से आहरित होना पाया गया। वहीं डस्टबिन के नाम पर 3.68 लाख रुपए की धनराशि आहरित की गई, लेकिन प्रधान द्वारा अवगत कराया गया कि उक्त धनराशि से गांव में कोई डस्टबिन नहीं लगा है। फैसल अली को विकास खण्ड-सदर में सम्बद्ध किया गया है। वहीं सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) विकास खण्ड-सदर को जांच अधिकारी बनाया गया है।
डीपीआरओ रेनू श्रीवास्तव ने 16 सितम्बर को मोरना की ग्राम पंचायत कम्हेडा सचिवालय के स्थलीय निरीक्षण के समय सचिव फैसल अली को ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर वर्ष 2025-26 की ग्राम पंचायत विकास योजना खोलकर दिखाने हेतु कहा गया। मौके पर इण्टरनेट कनेक्शन भी नहीं मिला। सचिव ने बताया कि मोबाईल के हॉटस्पॉट से नेट कनेक्ट कर पेमेन्ट इत्यादि कार्य किये जाते है। ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर वर्तमान वित्तीय वर्ष 2025-26 में पंचम राज्य वित्त आयोग एवं 15वें वित्त आयोग की प्राप्त धनराशि के सापेक्ष 1 अप्रैल 2025 से 10 सितम्बर 2025 तक कुल 17,43,769 रुपए ई-ग्राम स्वराज पोर्टल से न आहरित कर पिछले वर्षों की आईडी पर होना पाया गया। ई ग्राम स्वराज पोर्टल पर कोई भुगतान आहरित नहीं पाया गया। सचिव फैसल अली द्वारा निर्माण कार्यों के स्टीमेट एवं एमबी कन्सल्टिंग इंजीनियर से न कराकर अवर अभियन्ता, ग्रामीण अभियन्त्रण विभाग से कराई जा रही है। गांव में डस्टबिन स्थापना कार्य पर 2 मार्च 2025 में 3,68,139 रुपए की धनराशि आहरित की गयी है। मौके पर प्रधान द्वारा अवगत कराया गया कि उक्त धनराशि से ग्राम में कोई इस्टबिन नही लगवाई गई है।

डीपीआरओ रेनू श्रीवास्तव ने बताया
ग्राम पंचायत कम्हेडा के सचिव फैसल अली के खिलाफ वित्तीय अनियमितता पायी गई है। 17.43 लाख रुपए का भुगतान पिछले वर्षों की आईडी से किया गया है। डस्टबिन के नाम पर 3.68 लाख रुपए निकाले गए है, लेकिन गांव में कोई डस्टबिन नहीं लगाया है। कार्यों की कार्यवार पत्रावली, कैश बुक इत्यादि प्रस्तुत नहीं किए गए है। सभी अभिलेख घर पर रखना बताया गया है।
रेनू श्रीवास्तव, डीपीआरओ






