मुजफ्फरनगर। हिन्दुस्तान सिटी न्यूज

प्रधानमंत्री द्वारा फरवरी 2024 में शुरू की गई ‘पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ आज आम नागरिकों के जीवन को रोशन कर रही है। केंद्र और राज्य सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना का उद्देश्य न केवल उपभोक्ताओं को महंगी बिजली से राहत देना है, बल्कि उन्हें ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना भी है। जनपद मुजफ्फरनगर में यह योजना धरातल पर चमत्कारिक बदलाव ला रही है, जिसका सीधा उदाहरण अवध विहार की रहने वाली बिमलेश का परिवार है।
जागरूकता से आत्मनिर्भरता तक का सफर
मुजफ्फरनगर के गली नंबर-5, अवध विहार (60/406) की निवासी बिमलेश (पत्नी दिनेश कुमार) अपने घर के भारी-भरकम बिजली बिलों से निजात पाना चाहती थीं। जब उन्हें पीएम सूर्य घर योजना के बारे में पता चला, तो उन्होंने अपने पति के साथ मिलकर मुख्य विकास अधिकारी से संपर्क किया।
मुख्य विकास अधिकारी के मार्गदर्शन में उन्हें यूपीनेडा के परियोजना प्रभारी के पास भेजा गया। परियोजना अधिकारी ने न केवल योजना की बारीकियों और मिलने वाली सब्सिडी से उन्हें अवगत कराया, बल्कि विभाग द्वारा चयनित अधिकृत वेंडर्स के माध्यम से बेहद पारदर्शी और सुगम तरीके से अगस्त 2024 में उनके घर पर 03 किलोवाट का ऑनग्रिड सोलर पावर प्लांट स्थापित करवा दिया।
मिला बंपर अनुदान
इस योजना के तहत सरकार द्वारा मिलने वाली भारी सब्सिडी बिमलेश जी के परिवार के लिए वरदान साबित हुई। 3 किलोवाट का संयंत्र लगाने पर उन्हें केंद्र और राज्य सरकार की ओर से कुल रू0 1,08,000/- (एक लाख आठ हजार रुपये) का बंपर अनुदान (सब्सिडी) सीधे प्राप्त हुआ, जिससे उन पर आर्थिक बोझ बेहद कम हो गया।
बदली जिंदगी: बिजली बिल हुआ ‘जीरो’, गैस और पेट्रोल का खर्च भी बचा
अगस्त 2024 में सोलर प्लांट लगने के बाद से बिमलेश जी के घर का बजट पूरी तरह बदल गया है। उनके अनुभव के मुख्य बिंदु
शून्य बिजली बिल: सोलर प्लांट लगने के बाद से उनका बिजली का बिल या तो ‘शून्य’ आता है या फिर सिर्फ मिनिमम फिक्स चार्जेज।
घर का पूरा लोड सोलर पर: घर के तमाम उपकरण अब मुफ्त की सौर ऊर्जा से चलते हैं।
फ्री में चलती है ई-स्कूटी: बिमलेश जी ने एक इलेक्ट्रिक स्कूटी ले रखी है, जिसे वह इसी सोलर पावर से चार्ज करती हैं। इससे उनका पेट्रोल का खर्च पूरी तरह बच रहा है।
रसोई गैस से मुक्ति: खाना बनाने के लिए परिवार अब इंडक्शन चूल्हे का उपयोग करता है, जो सोलर से चलता है। नतीजतन, रसोई गैस सिलेंडर की भी भारी बचत हो रही है।
बचत का लेखा-जोखा (आंकड़ों की जुबानी)
बिमलेश जी के घर पर स्थापित 3 किलोवाट के प्लांट से होने वाले लाभ और बचत का विवरण इस प्रकार है:
विवरण आंकड़े / लाभ
प्रतिदिन उत्पादित विद्युत 12 से 15 यूनिट
मासिक औसत उत्पादन लगभग 400 यूनिट
1 वर्ष में कुल उत्पादित विद्युत 4,800 यूनिट
2 वर्ष में कुल उत्पादित विद्युत (अनुमानित)9,600 यूनिट
प्रति यूनिट विद्युत बिल चार्ज रू0 7/- मात्र
2 वर्षों में कुल अनुमानित वित्तीय बचत रू0 67,200/- मात्र
प्रशासन और सरकार का जताया आभार
इस अभूतपूर्व लाभ और जीवन को सुगम बनाने के लिए बिमलेश ने प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार का सहृदय आभार व्यक्त किया है। इसके साथ ही, उन्होंने जनपद स्तर पर त्वरित सहयोग और संयंत्र स्थापित कराने में मदद के लिए जिलाधिकारी , मुख्य विकास अधिकारी महोदय एवं परियोजना अधिकारी, यूपीनेडा का भी विशेष धन्यवाद किया है।
यह सफलता की कहानी सिद्ध करती है कि ‘पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ आम आदमी की जेब को सीधे राहत पहुँचाने का एक सशक्त माध्यम बन चुकी है।






