मुजफ्फरनगर। हिन्दुस्तान सिटी न्यूज

बुधवार को नगर पालिका के सफाई कर्मचारियों ने इओ कार्यालय पर प्रदर्शन करते हुए जमकर नारेबाजी की है। सफाई कर्मचारियों ने ईओ को ज्ञापन नोटिस सौंपते हुए कहा है कि यदि दो दिन के अंदर समस्याओं का सामधान नहीं होता है तो कामबंद कर हडताल की जाएगी। ईओ पवन कुमार ने भी सख्त चेतावनी दी है कि यदि अनैतिक दबाव बनाकर कामबंद किया तो सख्त कार्यवाही की जायेगी। इस मामले की डीएम को भी रिपोर्ट भेजी जा रही है।
नगर पालिका में विवाद बड़े कूड़ा वाहनों, जेसीबी, ट्रैक्टर-ट्रॉली, बुल लोडर, रोबोट सहित अन्य वाहनों पर कार्यरत आउटसोर्स चालकों को नई ठेका कंपनी के माध्यम से कार्य कराने की व्यवस्था को लेकर है। इस मुद्दे पर पिछले कई दिनों से विभिन्न कर्मचारी संगठनों और वाल्मीकि समाज के प्रतिनिधियों की ओर से लगातार विरोध और हड़ताल की चेतावनियां दी जा रही हैं। नगर पालिका प्रशासन का कहना है कि इस संबंध में चेयरमैन मीनाक्षी स्वरूप और अधिशासी अधिकारी स्तर पर कर्मचारी प्रतिनिधियों के साथ कई दौर की वार्ता हो चुकी है। प्रशासन के अनुसार सफाई कर्मचारी संघ के अध्यक्ष नीरज बिड़ला और महामंत्री मिलन कुमार भी सहमति जता चुके हैं, लेकिन अब अन्य संगठनों के पदाधिकारी आंदोलन का नेतृत्व कर रहे हैं। संयुक्त सफाई कर्मचारी संघर्ष मोर्चा के बैनर पर बुधवार को राजेश उटवाल, पालेराम, चमनलाल ढिंगान, शीलू वाल्मीकि, राजू वैध, राजकुमार बेनीवाल आदि द्वारा दिए गए नोटिस में आउटसोर्स चालकों को नई कंपनी में न भेजने, पूर्व ठेका कंपनी में कथित पीएफ घोटाले की जांच एवं बकाया भुगतान, शासनादेश के अनुसार वेतन वृद्धि, अवकाश के दिन कार्य करने पर अतिरिक्त भुगतान तथा सफाई कर्मचारी संघ के चुनाव शीघ्र कराने की मांग की गई है। आंदोलन को संगठित रूप देने के लिए भाजपा नेता एवं पालिका कर्मचारी रोहित वाल्मीकि के संरक्षण में एक संघर्ष समिति का गठन किया गया है। समिति में पालेराम को अध्यक्ष तथा राजेश उटवाल और चमनलाल ढिंगान को महामंत्री बनाया गया है। उधर ईओ पवन कुमार ने स्पष्ट किया कि संबंधित चालक नगर पालिका के नहीं बल्कि ठेकेदार के कर्मचारी हैं। शासन द्वारा निर्धारित न्यूनतम वेतन के अनुसार भुगतान कराया जा रहा है। नगर पालिका स्तर पर कोई भुगतान लंबित नहीं है। पुराने ठेके की अवधि समाप्त होने के बाद नई कंपनी को कार्य सौंपा गया है। इस समय कांवड़ यात्रा की तैयारियों का काम चल रहा है, यदि जबरन हड़ताल कराई गई या नगर पालिका के कार्य में बाधा पहुंचाई गई तो जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी।






