मुजफ्फरनगर। हिन्दुस्तान सिटी न्यूज

जनपद में 481 ग्राम पंचायतों में प्रशासक नियुक्त हुए प्रधान केवल रूटीन कार्य करेंगे। प्रशासकों के द्वारा कोई नीति विषयक निर्णय नहीं लिया जाएगा। नए प्रस्ताव, वित्तीय नीतियां व बडे विकास निर्णय लेने का अधिकारी डीएम के पास रहेगा।
जनपद में 487 ग्राम पंचायत है। इनमें से छह ग्राम पंचायतों में ग्राम प्रधान नहीं है। पूर्व में उक्त प्रधानों की मौत हो चुकी है। छह में से चार ग्राम पंचायतों में सदस्य पर चार्ज है। केवल दो ग्राम पंचायत में अभी किसी पर चार्ज नहीं है। ग्राम प्रधानों का कार्यकाल को पांच वर्ष पूर्ण हो गए है। ऐसे में उनका कार्यकाल खत्म हो गया है, लेकिन योगी सरकार ने ग्राम प्रधानों को ही प्रशासक नियुक्त किया है। जनपद में 481 ग्राम पंचायतों में प्रधान प्रशासक बने है। प्रधानों को प्रशासक बनाने के लिए जारी किए आदेश में कुछ मख्य बिन्दुओं का उल्लेख किया गया है। जिसमें कहा गया है कि 27 मई 2026 से निवर्तमान ग्राम प्रधानों को ग्राम पंचायतों में प्रशासक के रूप में रूटीन कार्यों का निर्वहन किए जाने हेतु नामित किए जाने के लिए डीएम को प्राधिकृत किया गया है। उक्त प्रशासक द्वारा कोई नीति विषयक निर्णय नहीं लिया जाएगा। ग्राम पंचायत के प्रशासक द्वारा आत्यावश्क एंव विशेष स्थितियों में नीति विषयक निर्णय संबंधी प्रस्ताव डीपीआरओ के माध्यम से डीएम के समक्ष प्रस्तुत कर स्वीकृति प्राप्त की जाएगी। अब ग्राम प्रधानों को अपनी ग्राम पंचायत में विकास कार्य और निर्माण कार्य कराने के लिए डीएम से अनुमति लेनी होगी।

छह ग्राम पंचायतों में नहीं नियुक्त हुए प्रशासक
मुजफ्फरनगर। डीपीआरओ रेनू श्रीवास्तव ने बताया कि ग्राम पंचायत नवादा चिरौली में जितेन्द्र कुमार प्रधान की मृत्यु हो चुकी है। काजी खेडा के ग्राम प्रधान खेमचंद की मृत्यु हो चुकी है। मांडी की ग्राम प्रधान साजिदा द्वारा त्याग पत्र दिया जा चुका है। यहां पर सदस्य को चार्ज है। छछरौली में ग्राम प्रधान कविता की मृत्यु के बाद शिक्षा को चार्ज है। भुवापुर के प्रधान राणा प्रताप की मृत्यु के बाद सदस्य प्रीतम सिंह को चार्ज है। भापंगी के ग्राम प्रधान तेजराम की मृत्यु के बाद सदस्य ताराचंद को चार्ज दिया हुआ है। डीपीआरओ ने बताया कि यहां पर अभी कोई प्रशासक नियुक्त नहीं किया गया है। इसके लिए शासन स्तर से निर्णय लिया जाना है।
इन्होंने बताया
शासन स्तर से छह माह के लिए ग्राम प्रधानों को प्रशासक नियुक्त किया गया है। प्रशासक बने ग्राम प्रधान शासनादेश के अनुसार रूटीन कार्यों का निर्वहन करेंगे। उनके द्वारा कोई नीति विषयक निर्णय नहीं लिया जाएगा। ग्राम पंचायत के प्रशासक द्वारा आत्यावश्क एंव विशेष स्थितियों में नीति विषयक निर्णय संबंधी प्रस्ताव मेरे माध्यम से डीएम के समक्ष प्रस्तुत किए जाएगे। इसके बाद उक्त प्रस्तावों पर डीएम की स्वीकृति प्राप्त की जाएगी।
रेनू श्रीवास्तव, डीपीआरओ





