मुजफ्फरनगर। हिन्दुस्तान सिटी न्यूज

जनपद में विधायक निधि से होने वाले विकास कार्यों का गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। लगातार हो रही लापरवाही के कारण जनपद मुजफ्फरनगर प्रदेश की रैकिंग में पिछडता जा रहा है। आज जनपद विधायक निधि की रैकिंग में आखरी पायदान पर है। जनपद मुजफ्फरनगर की प्रदेश में 75वीं रैंक आयी है। विधायक निधि में शुरू की गई ई आफिस परवान नहीं चढ पा रहा है। वहीं करीब 730 कार्य अभी तक लम्बित चल रहे है।
शासन स्तर से विकाय कार्य कराने के लिए प्रत्येक विधायक को पांच करोड की निधि मिलती है। यह धनराशि दो किश्तों में मिलती है। जनपद में छह विधायक है। कुछ माह पूर्व शासन स्तर से विधायक निधि की दूसरी किस्त जारी हुई है। विधायकों को अपने विधान सभा क्षेत्र में विकास कार्य कराने के लिए डीआरडीए विभाग में ऑन लाइन प्रस्ताव भेजना होता है। डीआरडीए में प्रस्ताव आने के बाद संबंधित अधिकारी उक्त प्रस्ताव पर स्वीकृति की मोहर लगाते है। इसके बाद कार्यदायी संस्था के द्वारा संबंधित क्षेत्र में विकास कार्य कराए जाते है। विधायक निधि से जनपद में करीब 1256 विकास कार्य होने थे, जिसमें से 730 विकास कार्य लम्बित चल रहे है। जिस कारण जनपद मुजफ्फरनगर विधायक निधि को लेकर जनपद में 75वें स्थान पर है।

इन्होंने बताया
काम न करने पर कार्यदायी संस्थाओं को नोटिस दिया गया है। कुछ विभागों को ई आफिस प्रणाली को समझने में समय लग रहा है। वहीं कुछ कार्य डिलिट भी किए जाने है।
कंडारकर कमल किशोर देश भूषण, सीडीओ






