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चकबंदी अधिकारियों से डीएम भी परेशान, 12 अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को भेजा पत्र: पूरण सिहं

मुजफ्फरनगर। हिन्दुस्तान सिटी न्यूज

गांव दूधली में चल रही चकबंदी को लेकर कलेक्ट्रेट में हुई किसान मजदूर संगठन की पंचायत में राष्ट्रीय अध्यक्ष पूरण सिंह चकबंदी अधिकारी और उनकी खराब कार्य शैली को लेकर जमकर गरजे है। उन्होंने कहा कि चकबंदी अधिकारियों की गलती का नतिजा उच्चाधिकारी भुगत रहे है। उन्होंने कहा कि इस प्रकरण में डीएम उमेश मिश्रा ने स्वयं संज्ञान लिया है। उन्होंने गांव दूधली की चकबंदी में नक्शा 23 पर जांच करने के आदेश दिए है। डीएम ने आश्वासन दिया है कि यदि नक्शा 23 में त्रुटियां पायी जाती है तो उसे तत्काल प्रभाव से निरस्त करते हुए दोबारा से चकबंदी की प्रक्रिया को शुरू किया जाएगा।
चरथावल क्षेत्र के गांव दूधली में चकबंदी चल रही है। यहां पर नक्शा 23 बन गया है। कुछ किसानों के द्वारा नक्शा 23 में त्रुटियों का गंभीर आरोप लगाया गया है। उनके द्वारा पिछले कई दिनों से कलेक्ट्रेट में धरना भी दिया जा रहा है। उधर गांव के कुछ लोगों ने चकबंदी की प्रक्रिया और नक्शा 23 को सहीं बताया है। शुक्रवार को गांव दूधली चकबंदी प्रकरण को लेकर कलेक्ट्रेट में किसान मजदूर संगठन की पंचायत हुई है। किसान मजदूर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष पूरण सिंह ने कहा है जनपद के कई गांव में चकबंदी चल रही है। चकबंदी अधिकारियों की कार्य प्रणाली से स्वयं डीएम भी परेशान है। उन्होंने कहा कि पिछले दिनों डीएम ने करीब 12 चकबंदी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को पत्र भेजा है। उन्होंने कहा कि डीएम ने इस मामले में नक्शा 23 की जांच करने के एडीएम, एसडीएम और चकबंदी अधिकारी को आदेश दिए है। जांच में नक्शा 23 में त्रुटियां पायी जाती है तो उसे निरस्त कर दिया जाएगा। फिर दोबारा से चकबंदी प्रक्रिया को शुरू किया जाएगा। उन्होंने एक माह का समय किसानों से मांगा है। इस दौरान किशन पाल सिंह, राजेन्द्र, वीरेन्द्र, सुरेन्द्र, रामपाल, विनोद, राजेश, अशोक, धर्मेन्द्र कुमार, राजेश आदि किसान मौजूद रहे।

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