मुजफ्फरनगर। हिन्दुस्तान सिटी न्यूज

क्रांति सेना महिला मोर्चा ने जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर नगर पालिका अधिकारियों पर लगाया भ्रष्टाचार का आरोप
क्रांति सेना महिला मोर्चा ने नगर पालिका अधिकारियों पर लगे एकमात्र पार्क कम्पनी बाग (कमला नेहरू वाटिका) से हरे भरे पेडों के काटने का आरोप,
क्रांति सेना महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष पूनम चौधरी ने संगठन के अन्य पदाधिकारी के साथ जिलाधिकारी कार्यालय पर पहुंचकर जिलाधिकारी को एक शिकायती पत्र देते हुए बतायाकी 12 अक्टूबर को कम्पनी बाग से कम्पनी ठेकेदार और कर्मचारियों द्वारा एक दर्जन से अधिक हरे भरे फलदार पेंडों को अवैध रूप से काट दिया गया और इतने ही फलदार पेडों को जड़ से उखाड कर गायब कर दिया गया। पालिका के सात वेतन भोगी कर्मचारियों के होने के बावजूद पेडों का काटा जाना साजिश की ओर इशारा करता है। इस मामले में पालिका के वाटिका अधिकारी / नगर स्वास्थ्य अधिकारी की चुप्पी भी यह साबित करने के लिए काफी है कि करोड़ों रूपये के इन हरे भरे फलदार वृक्षों को काटने के पीछे पालिका अध्यक्ष और अधिशासी अधिकारी की भूमिका भी हो सकती है।
मुजफ्फरनगर जनपद देश के सर्वाधिक प्रदूषित शहरों में से एक है और लोगों के घूमने का एकमात्र यह ब्रिटिश कालीन कम्पनी बाग जहाँ लोग सुबह शाम धूम कर ताजी हवा का आनंद लेते हैं। लेकिन पालिका के भ्रष्ट आचरण / रवैये के कारण आज इस कंपनी बाग का अस्तित्व खतरे में पडता जा रहा है। इससे पूर्व भी इस बाग से पालिका अधिकारी और कर्मचारियों की मिलीभगत से पेड़ काटकर रातों-रात गायब कर दिए जाते रहे है।
इसके अतिरिक्त पालिका में भ्रष्टाचार का आलम यह है पालिका द्वारा सफाई के लिए निर्धारित कंपनियां भी सफाई के लिए 10/12 हजार रूपये वेतन पर रखे कर्मचारियों का जमकर शोषण कर रहीं है, दिल्ली की कम्पनी मैसर्स आल्टर्स सिक्योटोर्स द्वारा अपने 369 कर्मचारियों और
लखनऊ की मैसर्स कमल एण्ड संस नाम की कम्पनी अपने 50 कर्मचारियों को पिछले एक वर्ष से PF देने में आनाकानी कर रही है जबकि नगर पालिका की ओर से कर्मचारियों को दिए जाने वाला PF की रकम हडपने की फिराक में है और कम्पनी द्वारा कर्मचारियों के इस उत्पीडन पर पालिका अध्यक्ष और अधिशासी अधिकारी मौन धारण किए हुए है। पालिका प्रशासन में लाइटों की खरीद हो या सड़कों, गलियों एवं नालियों के निर्माण का मामला हो सभी विकास कार्यों और उपकरणों की खरीद फरोख्त में 40% से अधिक कमीशन खोरी की बंदरबाट हो रही है यही कारण है कि सड़क गलियों और नालियां बनती बाद में हैं टूटनी पहले शुरू हो जाती है, इसके अतिरिक्त पालिका के बाहर ठेके छोडनें में भी पालिका अधिकारियों द्वारा जमकर धांधली आकर अनियमितता बरती गयी थी। क्रांतिसेना इस संदर्भ में आपसे मांग करती है कि कंपनी बाग से करोडों रूपये के हरे-भरे फलदार पेड़ काटने वाले कम्पनी ठेकेदार और पालिका के कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्यवाही की जाए और इस गोरख धंधे में शामिल अधिकारियों की भूमिका की भी जाँच कर उनके खिलाफ कड़ी कार्यवाही अमल में लायी जायें। इसके अतिरिक्त उपरोक्त दोनों कम्पनियों में कार्यरत 419 कर्मचारियों का पिछले एक साल से रूके PF की रकम को भी कर्मचारियों को दिलायी जाये।







