मुजफ्फरनगर। हिन्दुस्तान सिटी न्यूज

पर्याप्त भूमि उपलब्ध न होने के कारण उत्तरी रामपुरी और शाहबुद्दीनपुर क्षेत्र में जलभराव की समस्या का स्थाई समाधान नहीं हो पाया है। जल निकासी की स्थायी व्यवस्था के लिए नाला निर्माण के साथ एसटीपी स्थापित करने के लिए जल निगम को करीब 3 हजार वर्ग मीटर भूमि का जरूरत है, लेकिन तहसील प्रशासन के द्वारा 2 हजार वर्ग मीटर भूमि उपलब्ध कराई है। जो एसटीपी प्लांट के लिए काफी कम है। इस संबंध में जल निगम शहरी एक्सईएन आबू जैद ने नगर पालिका ईओ पवन कुमार से वार्ता की है।
शहर के वार्ड संख्या 21 के मोहल्ला उत्तरी रामपुरी और शाहबुद्दीनपुर रोड पर जलभराव की समस्या बनी हुई है। बारिश के दौरान यहां पर बाढ़ जैसे हालात हो जाते है। सभासद रजत धीमान ने पालिकाध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप, मंत्री एवं नगर विधायक कपिल देव से मुलाकात कर जल निकासी की प्रभावी व्यवस्था कराने का आग्रह किया था। मंत्री के निर्देश पर डीएम ने स्थाई समाधान तलाशने के लिए एडीएम की अध्यक्षता में तकनीकी टीम का गठन करते हुए रिपोर्ट भी मांगी थी। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत सड़क और आसपास के क्षेत्र से आने वाले बारिश के पानी को नाले के माध्यम से आगे ले जाकर काली नदी तक पहुंचाने की योजना है। हालांकि, नाले का उपयोग केवल बारिश के पानी की निकासी तक सीमित नहीं रहेगा। आवासीय क्षेत्र से निकलने वाला गंदा पानी और दैनिक उपयोग का ड्रेनेज भी इसी प्रणाली से जुड़ेगा। ऐसे में नाले को सीधे नदी से जोड़ने के बजाय एसटीपी के माध्यम से पानी का शोधन कराना जरूरी माना जा रहा है। इसी आवश्यकता को देखते हुए नाला निर्माण से पहले एसटीपी स्थापित करने की योजना पर मंथन किया जा रहा है। परियोजना का जिम्मा उत्तर प्रदेश जल निगम नगर इकाई को सौंपा गया है। अब एसटीपी के लिए पर्याप्त भूमि नहीं मिल रही है। जल निगम नगर इकाई के अधिशासी अभियंता आबू जैद नगर पालिका पहुंच कर ईओ पवन कुमार, निर्माण विभाग के सहायक अभियंता नैपाल सिंह और जलकल विभाग के सहायक अभियंता अनुज कुमार के साथ परियोजना को लेकर विस्तार से चर्चा की।

इन्होंने बताया
दो हजार वर्ग मीटर भूमि पर प्रस्तावित एसटीपी का निर्माण संभव नहीं है। परियोजना के तहत कम से कम 25 एमएलडी क्षमता का एसटीपी बनाया जाना है, जिसके लिए करीब तीन हजार वर्ग मीटर भूमि आवश्यक है। यदि आवश्यक तीन हजार वर्ग मीटर भूमि उपलब्ध करा दी जाती है तो विभाग एक सप्ताह के भीतर एसटीपी का निर्माण कार्य शुरू कर सकता है। एसटीपी का निर्माण पूरा होने के बाद प्रस्तावित नाला निर्माण की दिशा में कार्य आगे बढ़ाया जाएगा।
आबू जैद, एक्सईएन जल निगम






