मुजफ्फरनगर। हिन्दुस्तान सिटी न्यूज

शासन द्वारा निर्धारित किए गए मानकों के विपरित उर्वरक देने पर संबंधित दुकानदार के खिलाफ कृषि विभाग के द्वारा कडी कार्रवाई की जाएगी। उर्वरक वितरण पर नजर रखने के लिए डीएम के आदेश पर कृषि विभाग के द्वारा निगरानी समिति बनाई गई है। इस निगरानी समिति में 21 से अधिक अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। वहीं किसानों की सुविधा और उनकी शिकायतों के निस्तारण के लिए कंट्रोल भी बनाया गया है।


अब किसानों को उनकी जमीन के हिसाब से उर्वरक दिया जाएगा। जिनके पास जितनी जमीन होगी, उन्हें उसी हिसाब से उर्वरक दिया जाएगा। भारत सरकार ने उर्वरक वितरण में बडा सुधार किया है। फार्मर आईडी और जमीन के रिकार्ड के अनुसार मानक के अनुरूप यूरिया, डीएपी उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। बताया जाता है कि एक जून से प्रति हेक्टेयर निर्धारित मात्रा 7 बोरी यूरिया और 5 बोरी डीएपी किसान को दिया जाएगा। जिला कृषि अधिकारी राहुल तेवतिया ने बताया कि जनपद में उर्वरक की कोई कमी नहीं है। जनपद में पर्याप्त मात्रा में उर्वरक मौजूद है। उन्होंने बताया कि डीएम उमेश मिश्रा के आदेश पर उर्वरक के वितरण पर नजर रखने के लिए निगरानी समिति बनाई गई है। निगरानी समितियों के द्वारा अपने क्षेत्र में सतत भ्रमण कर विभिन्न निर्देशों का पालन किया जाएगा। उनके द्वारा क्षेत्र में उर्वरक निर्धारित मूल्य पर बेचा जा रहा या नहीं, इसकी जांच की जाएगी। उर्वरक के साथ, फुटकर विक्रेताओ, बी पैक्स, समितियों द्वारा कम प्रचलित उत्पाद की टैगिंग तो नहीं की जा रही है। रेट बोर्ड, स्टॉक बोर्ड, स्टॉक रजिस्टर, सेल रजिस्टर, वितरण रजिस्टर आदि भी देखा जाएगा। किसानों की सुविधा के लिए कंट्रोल रूम बनाया गया है। किसान किसी भी समस्या के लिए 9193692021, 9452113733, 7081202212 पर सम्पर्क कर सकते है।






