मुजफ्फरनगर। हिन्दुस्तान सिटी न्यूज

कृषि विभाग की लाख कौशिशों के बाद भी जनपद में चल रहा नकली कीट नाशक का खेल बंद नहीं हो पाया है। जनपद की कुछ दुकानों पर खुलेआम नकली कीटनाशक की बिक्री हो रही है, लेकिन कृषि विभाग के अधिकारी और कर्मचारी इसे पकड नहीं पा रहे है। किसान महंगे दाम देकर कीटनाशक दवाई खरीद रहे है, लेकिन उक्त दवाई खेतों में बेअसर हो रही है। ऐसे में किसान काफी परेशान है। किसान नकली और असली पेस्टिसाइड की पहचान नहीं कर पा रहा है। ऐसे में कृषि विभाग की पकड में भी नकली पेस्टिसाइड के मामले नहीं आ रहे है। अभी बढाना क्षेत्र में कुछ किसानों के द्वारा नकली खाद और पेस्टिसाइड को लेकर हंगामा किया है।
जनपद में पिछले कई वर्षों से चली आ रही नकली पेस्टिसाइड की समस्या का कृषि विभाग कोई स्थाई समाधान नहीं कर पाया है। नकली पेस्टिसाइड के चक्कर भी भोले भाले किसान ठंगे जा रहे है। किसान अधिक दामों में कीटनाशक दवाई खरीद रहे है, लेकिन दवाई का असर खेत और फसल में नजर नहीं आ रहा है। इस संबंध में काफी किसान संबंधित दुकानदारों से भी शिकायत कर चुके है, लेकिन दुकानदार दवाई का सहीं प्रयोग न करने की बात कह कर अपना पल्ला झाड लेते है। ऐसे में किसान काफी परेशान है। इस मामले में कृषि विभाग के अधिकारी भी कोई ठोस कार्रवाई अभी तक नहीं कर पाए है। पिछले दिनों कृषि विभाग की टीम ने दो स्थानों पर माल पकडा था, लेकिन कृषि विभाग की इस कार्रवाई से भी नकली कीटनाशक का खेल नहीं रूक पाया है। सूत्रों का कहना है कि इस खेल में कृषि विभाग के कुछ अधिकारी और कर्मचारियों की भी भागिदारी है। छापेमारी के दौरान कार्रवाई कम चांदी अधिक वसूली जाती है। इस तरह की चर्चाए आए दिन होती रहती है। इस मामले में विभागीय अधिकारी और जिला प्रशासन ठोस कार्रवाई नहीं कर पाया है।







