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नगर पालिका के निर्माण कार्यों के टेंडर में चल रहा फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र का खेल, अधिकारी बने मौन

मुजफ्फरनगर। हिन्दुस्तान सिटी न्यूज

नगर पालिका के निर्माण कार्यों के टेंडरों में फिर से फर्जी अनुभव प्रमाण पत्रों का खेल शुरू हो गया है। अभी हाल में एक ठेकेदार की फर्म का फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र सामने आया है। उक्त दस्तावेज पर हुए हस्ताक्षर को बीडीओ चरथावल ने फर्जी बताया है। इस प्रकरण को लेकर पालिका के अधिकांश निर्माण कार्यों के टेंडर संदिग्ध बने हुए है। निर्माण कार्यों के टेंडर 34 फीसदी बिलो पर पहुंच गए है। हाल में हुए टेंडरों की जांच होनी चाहिए। जांच सहीं हुई तो निर्माण कार्यों के टेंडरों में पूर्व की तरह बडा खेल पकड में आएगा। उक्त फर्म के संबंध में निर्माण विभाग के कुछ अधिकारियों को पूर्व से जानकारी थी, इसके बाद भी कोई कार्रवाई संबंधित ठेकेदार के खिलाफ अमल में नहीं लायी गई। नगर पालिका में इस प्रकरण को लेकर काफी चर्चाएं हो रही है। निर्माण विभाग के अधिकारी व कर्मचारियों की कार्य शैली पर भी सवाल उठ रहे है।
शहर के 55 वार्डों में विकास कार्य कराने के लिए नगर पालिका के निर्माण विभाग के द्वारा टेंडर निकाले जा रहे है। टेंडर प्रक्रिया के दौरान गंभीरता नहीं बरती जा रही है। जिस कारण कुछ ठेकेदारों के द्वारा नियमों को ताक पर रखते हुए फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र लगाया जा रहा है। अभी एक ठेकेदार की फर्म का फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र प्रकाश में आया है। बताया जाता है कि ठेकेदार के द्वारा सितम्बर माह में जीएसटी मे रजिस्ट्रेशन कराया गया है और एक माह बाद ही बिना अनुभव के बडी धनराशि के निर्माण कार्य दे दिए गए। ठेकेदार के द्वारा चरथावल विकास खंड कार्यालय से जो अनुभव प्रमाण पत्र लगाया गया है वह फर्जी माना जा रहा है। पालिका के निर्माण विभाग के अधिकारियों के द्वारा अनुभव प्रमाण पत्रों का सत्यापन नहीं किया जा रहा है। बिना जांच पडताल किए टेंडर दिए जा रहे है। उक्त ठेकेदार को पूर्व में टेंडर दिए जा चुके है। अब फिर से टेंडर देने की तैयारी की जा रही थी। मामला प्रकाश में आने पर उक्त टेंडर होल्ड कर दिए गए है।

इन्होंने बताया

ठेकेदार के द्वारा नगर पालिका में जो दस्तावेज दिए गए है उन पर मेरे कोई हस्ताक्षर नहीं है। वहीं पदनाम भी गलत लिखा हुआ है। उक्त ठेकेदार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज होनी चाहिए। पालिका से इस संबंध में कोई पत्र आता है तो मैं लिखकर भेजूंगा की उक्त प्रमाण पत्र फर्जी है। इस पर मेरे कोई साइन नहीं है।
प्रवीण कुमार, बीडीओ चरथावल

इन्होंने बताया
यह मामला अभी संज्ञान में आया है। इसकी जांच करायी जाएगी। संबंधित अधिकारी और कर्मचारी के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
डा. प्रज्ञा सिंह, ईओ नगर पालिका

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