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कृषि विभाग की बडी कार्रवाई: गांव खुड्डा में अनुदानित यूरिया से बनता मिला डीईएफ, कार्रवाई कर परिसर व दो गोदाम किए सील, मुख्य आरोपी गिरफ्तार

मुजफ्फरनगर। हिन्दुस्तान सिटी न्यूज


छपार क्षेत्र के गांव खुड्डा में स्थित सहकारी संघ लिमिटेड उप केन्द्र के पीछे एक परिसर में कृषि रक्षा अधिकारी राहुल तेवतिया, वरिष्ठ लिपिक राहुल चौधरी और देवेन्द्र चौधरी ने पुलिस के साथ अवैध कारोबार पकडा है। यहां पर अनुदानित यूरिया से डीईएफ (डीजल एग्जॉस्ट फ्लुड) बनते हुए पकडा है। मौके पर अनुदानित यूरिया के 55 बैंग, एक गाडी और अन्य सामान मिला है। कृषि विभाग की टीम ने उक्त परिसर और दो गोदाम को कार्रवाई करते हुए सील कर दिया। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी सादिक को गिरफ्तार कर लिया है। कृषि रक्षा अधिकारी ने इसकी जानकारी डीएम और सीडीओ को देते हुए थाना छपार में रिपोर्ट दर्ज कराई है।


बुधवार को कृषि रक्षा अधिकारी राहुल तेवतिया को सूचना मिली कि अनुदानित यूरिया से डीईएफ (डीजल एग्जॉस्ट फ्लुड) बनाया जा रहा है। इसकी सूचना मिलने पर उन्होंने गांव खुड्डा में उक्त स्थान पर छापेमारी की। मौके पर 55 बैग यूरिया (नीम लेपित), आईपीएल ब्रान्ड के मिले। उपलब्ध अनुदानित यूरिया से 01 नमूना ग्रहित किया गया। उक्त यूरिया का प्रयोग मौके पर उपस्थित सादिक द्वारा डीईएफ बनाने में किया जा रहा था। इसके अलावा 28 बाल्टी डीईएफ की विभिन्न ब्रान्ड, 20 लीटर प्रति बाल्टी (14 बाल्टी भारतयेन्ज, 06 बाल्टी गल्फ एएल, एक बाल्टी आईसर) व 18 कैन भरी हुई 2.5 लीटर प्रति कैन मिली है। परिसर में छापेमारी के दौरान गाडी संख्या यूपी 12 सीटी-1279 मैक्स पिकअप (महिन्द्रा) गाडी में 04 बैग यूरिया व 3 बाल्टी (भारतबैन्ज, गल्फ ए०एल०, आयशर ब्रान्ड) रखे मिले। अतिरिक्त लगभग 300 खाली बैग अनुदानित यूरिया ईआईपीएल ब्रान्ड इफ्फको) के रखे मिले। जिनका प्रयोग सादिक द्वारा डीईएफ बनाने में किया गया है।

पूर्ति निरीक्षक ने डीईएफ पर कार्यवाही करने में व्यक्त की असमर्थता
मुजफ्फरनगर। इस प्रकरण के संबंध में सहकारिता पूर्ति विभाग विद्युत विभाग, जीएसटी विभाग को भी दूरभाष पर वस्तुस्थिति से अवगत कराया गया। मौके पर बिजली विभाग, सहकारिता विभाग व पूर्ति विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे। पूर्ति निरीक्षक अचल राय द्वारा डीईएफ पर कार्यवाही करने में असमर्थता व्यक्त करते हुए बताया गया कि डीईएफ (डीजल एग्जॉस्ट फ्लुड) उनके कार्य क्षेत्र से बाहर है। सादिक से पूछा गया कि उक्त यूरिया उर्वरक क्यों रखा हुआ है, जिस पर उनके द्वारा कोई भी संतोषजनक उत्तर नहीं दिया गया। साथ ही यूरिया उर्वरक क्रय करने और परिवहन करने के कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका।

सादिक के द्वारा यूरिया उर्वरक पर सरकारी अनुदान का किया गया दुरूपयोग
मुजफ्फरनगर। कृषि रक्षा अधिकारी ने बताया कि सादिक द्वारा किसानों / वाहन स्वामियो के साथ धोखाधडी, यूरिया उर्वरक पर सरकारी अनुदान का दुरूपयोग किया गया है। उर्वरक (अकार्बनिक, कार्बनिक या मिश्रित) (नियंत्रण) आदेश, 1985, उर्वरक परिसंचरण आदेश 1973 का स्पष्ट उल्लंघन है। आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 3/7 के अन्तर्गत दण्डनीय अपराध है। मौके पर परिसर में मय माल खड़ी मैक्स पिकअप संख्या यू०पी०-12 बीटी-1279 मय माल मय चाबी अलग-अलग दो गोदाम व परिसर सील कर सत्यप्रकाश यादव उप निरीक्षक थाना छपार को समक्ष गवाहन सुपुर्द किया गया।

 

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