मुजफ्फरनगर। हिन्दुस्तान सिटी न्यूज

विकास भवन के सभागार में सोमवार को किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) की बैठक आयोजित की गई। बैठक कृषि उप निदेशक की ओर से बुलाई गई थी। बैठक में जिले के करीब 37 एफपीओ के प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया था, लेकिन बैठक में बहुत की कम एफपीओ के प्रतिनिधि ही पहुंचे। बैठक में एफपीओ की संख्या कम होने पर डीएम उमेश मिश्रा ने कडी नाराजगी जताई है।


बैठक के लिए सभागार में बड़ी संख्या में कुर्सियां लगाई गई थीं, लेकिन एफपीओ प्रतिनिधियों के नहीं पहुंचने के कारण अधिकांश कुर्सियां खाली पड़ी रहीं। सभागार की कुर्सियां भरने के लिए कृषि विभाग के अन्य कर्मचारियों को भी बैठक में बैठाया गया। इसके बाद सभागार में बैठक की औपचारिकता पूरी की गई। डीएम उमेश मिश्रा की अध्यक्षता में विकास भवन सभागार में प्रमोशन ऑफ एग्रीकल्चर मैकेनाइजेशन फॉर ईन-सीटू मैनेजमेन्ट ऑफ कॉप रेजीड्यू योजनान्तर्गत फसल अवशेष न जलाये जाने के सम्बन्ध मे जनपद के कम्बाईन हार्वेस्टर स्वामियो एवं कृषक उत्पादक संगठनो के प्रतिनिधियो के साथ बैठक की। बैठक में उपस्थित कम्बाईन हार्वेस्टर के स्वामियो को निर्देशित किया कि जनपद मे कोई भी कम्बाईन बिना सुपर स्ट्रॉ मैनेजमैन्ट सिस्टम के न चलाया जाये। जिलाधिकारी ने जनपद के समस्त कृषकों से अपील की गई कि किसान फसल अवशेष को न जलाये। फसल अवशेष यथा गन्ने की पत्ती एवं पराली आदि को खेत मे ही ई-सीटू के यन्त्रो के माध्यम से कटाई करके मिट्टी मे मिलाये। बैठक मे उप कृषि निदेशक प्रमोद सिरोही, जिला कृषि अधिकारी राहुल तेवतिया, पीडी दिग्विजय नाथ तिवारी आदि मौजूद रहे।






