मुजफ्फरनगर। हिन्दुस्तान सिटी न्यूज

विकास भवन में कार्यरत पीडी दिग्विजय नाथ तिवारी के द्वारा लखनऊ में ग्राम्य विकास आयुक्त कार्यालय में योगदान नहीं किया गया है। जबकि विशेष सचिव रजनीश चन्द्र ने एक जून को आदेश जारी करते हुए पीडी को स्वत: कार्यमुक्त कर लखनऊ में ग्राम्य विकास आयुक्त कार्यालय में सम्बद्ध किया था। लखनऊ कार्यालय में ज्वाइन न करने पर आयुक्त जीएस प्रियदर्शी ने दिग्विजय नाथ तिवारी के प्रति कडी नाराजगी जताई। वहीं पत्र जारी करते हुए दो दिन के अंदर जवाब मांगा है।
जनपद मुजफ्फरनगर में डीआरडीए परियोजना निदेशक के पद पर कार्यरत दिग्विजय नाथ तिवारी पहले से ही काफी चर्चाओं में है। उनके पास पीडी के साथ डीडीओ और डीसी मनरेगा का भी अतिरिक्त चार्ज है। पूर्व में उनकी कार्य प्रणाली को लेकर काफी सवाल उठे है। वहीं कुछ ठेकेदारों ने उनके खिलाफ अभी करीब छह माह पहले डीएम उमेश मिश्रा से भी शिकायत की थी। इस शिकायत पर डीएम स्वयं विकास भवन पहुंचे थे और कुछ पत्रावलियां तलब की थी। एक जून 2026 को विशेष सचिव रजनीश चन्द्र ने पीडी दिग्विजय नाथ तिवारी को स्वत: कार्यमुक्त करते हुए लखनऊ में ग्राम्य विकास आयुक्त कार्यालय में सम्बद्ध किया था, लेकिन उनके द्वारा लखनऊ में जाकर ज्वाईन भी नहीं किया गया है। इस मामले में आयुक्त जीएस प्रियदर्शी ने पत्र जारी करते हुए कडी नाराजगी जताई है। उन्होने पीडी दिग्विजय नाथ तिवारी से दो दिन के अंदर जवाब मांगा है।





