मुजफ्फरनगर। हिंदुस्तान सिटी न्यूज

जनपद में लगातार बढ़ते तापमान एवं हीट वेव की स्थिति को देखते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील तेवतिया ने जनपदवासियों से विशेष सतर्कता एवं सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से अधिक पहुंच रहा है, जिसके कारण हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन, चक्कर आना, कमजोरी, उल्टी, बेहोशी, त्वचा में जलन एवं अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा तेजी से बढ़ जाता है।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील तेवतिया ने बताया कि अत्यधिक गर्मी का प्रभाव विशेष रूप से खुले वातावरण में कार्य करने वाले श्रमिकों, किसानों, रिक्शा चालकों, निर्माण कार्य में लगे मजदूरों, बच्चों, बुजुर्गों एवं गर्भवती महिलाओं पर अधिक पड़ता है। ऐसे में सभी लोगों को स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी सावधानियों का पालन करना अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने बताया कि नागरिक दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं तथा शरीर में पानी एवं लवण की कमी न होने दें। ओआरएस घोल, नींबू पानी, छाछ, लस्सी एवं अन्य तरल पदार्थों का नियमित सेवन करते रहें। खाली पेट घर से बाहर न निकलें तथा यात्रा के दौरान पानी की बोतल अपने साथ अवश्य रखें। छोटे बच्चों एवं बुजुर्गों को समय-समय पर पानी पिलाते रहें।
डॉ. सुनील तेवतिया ने कहा कि दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच अत्यधिक गर्मी एवं तेज धूप रहती है, इसलिए इस समय अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचें। यदि बाहर जाना आवश्यक हो तो सिर को कपड़े, टोपी या छाते से ढकें तथा हल्के, ढीले एवं सूती कपड़े पहनें। धूप से लौटने के तुरंत बाद अत्यधिक ठंडा या बर्फ वाला पानी पीने से बचें, क्योंकि इससे स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ सकता है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने लोगों को घरों को प्राकृतिक रूप से ठंडा रखने के उपाय अपनाने की भी सलाह दी। उन्होंने कहा कि दिन में खिड़कियां एवं पर्दे बंद रखें तथा रात में क्रॉस वेंटिलेशन अपनाएं। घरों में पौधे लगाने, सूती चादरों एवं हल्के रंग के कपड़ों का उपयोग करने तथा मिट्टी के घड़े का पानी पीने से भी गर्मी से राहत मिलती है।
उन्होंने बताया कि यदि किसी व्यक्ति को तेज बुखार, अत्यधिक कमजोरी, चक्कर, बेहोशी, उल्टी, सांस लेने में परेशानी या हीट स्ट्रोक के लक्षण दिखाई दें तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या चिकित्सक से संपर्क करें। सभी सरकारी स्वास्थ्य इकाइयों को हीट वेव से संबंधित मरीजों के उपचार हेतु आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं।
डॉ. सुनील तेवतिया ने जनपदवासियों से अपील करते हुए कहा कि “सावधानी ही सुरक्षा है।” थोड़ी सी जागरूकता एवं सतर्कता अपनाकर हीट वेव एवं भीषण गर्मी के दुष्प्रभावों से बचा जा सकता है।





