मुजफ्फरनगर। हिन्दुस्तान सिटी न्यूज

एनआईसी मुजफ्फरनगर में जिलाधिकारी उमेश मिश्रा एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा की अध्यक्षता में जिला अभियोजन अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गयी, जिसमें एडीजीसी/डीजीसी सहित अभियोजन विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे। इस दौरान पुलिस अधीक्षक नगर, पुलिस अधीक्षक अपराध, सहायक पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी नगर, थाना प्रभारी कोतवाली नगर, थाना प्रभारी खालापार, थाना प्रभारी सिविल लाइन सहित पुलिस व प्रशासन के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

बैठक के दौरान जनपद में विचाराधीन महत्वपूर्ण अभियोगों, महिला एवं बाल अपराधों, संगठित अपराध, गैंगस्टर, पॉक्सो एक्ट, हत्या, लूट, डकैती एवं अन्य गंभीर अपराधों से संबंधित मुकदमों की बिंदुवार समीक्षा की गयी। अधिकारियों द्वारा न्यायालयों में लंबित प्रकरणों में प्रभावी पैरवी सुनिश्चित करने, अभियुक्तों को समयबद्ध एवं कठोर सजा दिलाने तथा अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी विधिक कार्यवाही करने के संबंध में विस्तृत चर्चा की गयी।
जिलाधिकारी द्वारा अभियोजन अधिकारियों को बताया कि न्यायालयों में लंबित प्रकरणों की नियमित मॉनिटरिंग करते हुए गवाहों की समय से उपस्थिति सुनिश्चित की जाए तथा समस्त प्रकरणों में गुणवत्तापूर्ण एवं प्रभावी पैरवी की जाये। उन्होंने कहा कि शासन की मंशानुरूप अपराधियों के विरुद्ध कठोर कार्यवाही सुनिश्चित करना प्राथमिकता है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा विवेचकों एवं अभियोजन अधिकारियों के मध्य बेहतर समन्वय स्थापित करने पर विशेष बल दिया गया। उन्होंने सम्बन्धित पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया कि विवेचना के दौरान साक्ष्यों का संकलन मजबूत एवं गुणवत्तापूर्ण किया जाये ताकि न्यायालय में अभियोजन पक्ष प्रभावी ढंग से अपना पक्ष प्रस्तुत कर सके। साथ ही पुलिस एवं अभियोजन के मध्य निरंतर संवाद एवं समन्वय बनाये रखते हुए प्रत्येक महत्वपूर्ण मुकदमे में संयुक्त रूप से प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित की जाये, जिससे अपराधियों को शीघ्र एवं कठोर दंड दिलाया जा सके।
बैठक में इस बात पर भी विशेष जोर दिया गया कि विवेचना स्तर से ही अभियोजन अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर मुकदमों को मजबूत बनाया जाये तथा न्यायालय में प्रस्तुत किये जाने वाले साक्ष्य एवं गवाहों की तैयारी समयबद्ध ढंग से सुनिश्चित की जाये। अधिकारियों द्वारा कहा गया कि पुलिस एवं अभियोजन का बेहतर तालमेल ही प्रभावी अभियोजन एवं दोषसिद्धि की सफलता का मुख्य आधार है।





