मुजफ्फरनगर। हिंदुस्तान सिटी न्यूज

देवी अहिल्याबाई होल्कर चौक के सौन्दर्यीकरण पर गंभीर आरोप लगाते हुए कुछ ठेकेदारों ने ईओ से शिकायत की थी। उन्होंने टेंडर में पास मैटिरियल के अनुसार निर्माण कार्य नहीं कराने का आरोप लगाया। वहीं आईआईटी लैब रूडकी से निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच कराने व भुगतान रोकने की मांग की। सभासदों की शिकायत के बाद भी उक्त निर्माण कार्य के भुगतान की तैयारी नगर पालिका में की जा रही है। भुगतान से संबंधित पत्रावली पर संबंधित जेई, एई और थर्ड पार्टी के भी साइन हो गए। उधर मामला प्रकाश में आया तो सभासदों ने इसका विरोध किया। इसके बाद उक्त पत्रावली को रोक दिया गया।
सभासद अमित कुमार, देवेश कौशिक, रितु त्यागी, अर्जुन कुमार, सुनीता के द्वारा देवी अहिल्याबाई होल्कर चौक के सौन्दर्यीकरण को लेकर नगर पालिका ईओ से शिकायत की थी। सभासदों ने बताया कि देवी अहिल्याबाई होल्कर चौक के सौन्दर्यकरण हेतु नगरपालिका परिषद मुजफ्फरनगर द्वारा 16 मई 2025 को एक टेन्डर पास किया गया था। उक्त टेन्डर में देवी अहिल्याबाई होल्कर चौक के सौन्दर्यकरण व अहिल्याबाई की मूर्ति लगाने का कार्य पास किया गया था। उक्त टेन्डर में कार्य की अनुमानित लगात करीब 33,24,967 रूपये पास की गयी थी। नगर पालिका द्वारा पास किये गये अधिकृत नक्शे के अनुरूप व टेन्डर में दिये गये मैटिरियल की मानकों के अनुसार निर्माण कार्यों में मैटिरियल प्रयोग नहीं किया जा रहा है। सौन्दर्यकरण के निर्माण कार्य में प्रयोग किये जा रहे मैटिरियल की गुणवत्ता टेन्डर में दिये गये मानकों के अनुसार प्रयोग नहीं की गयी है। घटिया किस्म का मैटिरियल पत्थर आदि प्रयोग किया जा रहा है। जिस कारण निर्माण कार्य जल्द ही खुर्द-बुर्द हो जायेगा। सभासदों ने उक्त मैटिरियल की जांच आईआईटी लैब रूडकी द्वारा कराने की मांग की। वहीं उक्त निर्माण कार्य का भुगतान जांच के बाद होने का अनुरोध किया गया। पिछले कई दिनों से नगर पालिका ईओ डा. प्रज्ञा सिंह का स्वास्थ्य खराब चल रहा है। वह बीमार होने के कारण अवकाश पर है। इस बीच जेई ने उक्त ठेकेदार का भुगतान करने के लिए पत्रावली तैयार कर ली। सूत्रों का कहना है कि पत्रावली पर एई और थर्ड पार्टी के भी साइन हो गए है। इस दौरान इस बात की जानकारी शिकायतकर्ता सभासद को हो गई। उन्होंने एई से संबंध में वार्ता की। फिलहाल भुगतान वाली पत्रावली को रोक दिया गया है। वहीं थर्ड पार्टी के द्वारा भी मौके पर पहुंच कर कार्य को नहीं परखा गया है।







