मुजफ्फरनगर। हिन्दुस्तान सिटी न्यूज

जनपद में 34 पंचायत प्रतिनिधियों की मौत पर आश्रितों को करीब 1.11 करोड की धनराशि मिली है। यह धनराशि पंचायत कल्याण कोष योजना के तहत शासन से दी गई है। जनपद में पांच ग्राम प्रधान, तीन बीडीसी और 26 ग्राम पंचायत सदस्यों की मौत हो चुकी है। इन पंचायत प्रतिनिधियों के आश्रितों को शासन स्तर से आर्थिक सहायता के लिए धनराशि मिली है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 15 दिसंबर 2021 को पंचायत कल्याण कोष उत्तर प्रदेश की स्थापना करने की घोषणा की थी। यह योजना 16 दिसंबर 2021 से प्रभावी है। इस योजना में पंचायतीराज विभाग की तरफ से पंचायत प्रतिनिधियों की आकस्मिक मौत होने पर उनके आश्रितों को आर्थिक सहायता देने का प्रावधान है। इस योजना के तहत ग्राम प्रधान की मौत होने पर आश्रितों को 10 लाख रुपए मिलते है। वहीं बीडीसी की मौत पर आश्रितों को 3 लाख रुपए और ग्राम पंचायत सदस्य की मौत पर आश्रितों को 2 लाख रुपए आर्थिक सहायता के रूप में मिलते है। जिनमें पांच ग्राम प्रधान, तीन बीडीसी और 26 ग्राम पंचायत सदस्यों की मौत हो गई है। ग्राम पंचायत रई से प्रधान आशीष त्यागी, भुवापुर से राणा प्रताप, गदनपुरा से शोपाल, तुलसीपुर से कुसुम और मंहरायपुर से कलावती की मौत हो गई है। उक्त पंचायत जनप्रतिनिधियों की मौत पर आश्रितों को 1.11 करोड की धनराशि मिली है।

इन्होंने बताया
शासन की पंचायत कल्याण कोष योजना के तहत ग्राम प्रधान की आकस्मिक मौत पर 10 लाख रुपए, बीडीसी की मौत पर 3 लाख और ग्राम पंचायत सदस्य की मौत पर 2 लाख रुपए देने का प्रावधान है। जनपद में पांच ग्राम प्रधान, तीन बीडीसी और 26 ग्राम पंचायत सदस्यों की मौत हो चुकी है। उक्त पंचायत प्रतिनिधियों के आश्रितों को 1.11 करोड की धनराशि दी गई है।
रेनू श्रीवास्तव, डीपीआरओ






