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यूपी सरकार के बजट से खुश नहीं हुए किसान, बताया कागजी बजट

मुजफ्फरनगर। हिन्दुस्तान सिटी न्यूज

बुधवार को यूपी सरकार के द्वारा पेश किए गए बजट से किसान अधिक खुश नजर नहीं आए। किसानों ने इस बजट को केवल कागजी बजट बताया है। इस बजट में किसानों की उम्मीदों को पूरा नहीं किया गया है। किसानों को 500 रुपए प्रति कुंतल गन्ना मूल्य घोषित होने की पूरी उम्मीद थी। वहीं किसान सम्मान निधि 12 हजार रुपए होने की आश थी। दोनों उम्मीद इस बजट में किसानों की पूरी नहीं हो पायी है।

किसान नेताओं ने दी अपनी प्रतिक्रिया
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यूपी सरकार का यह बजट कागजी रहा है। इस बजट में किसानों को कोई विशेष लाभ नहीं दिया गया है। 30 रुपए प्रति कुंतल गन्ना मूल्य वृद्धि पूर्व की गई थी। अब 500 रुपए प्रति कुंतल गन्ना मूल्य घोषित किया जाना चाहिए था, जो बजट में कहीं पर भी नजर नहीं आया है।
नवीन राठी, जिलाध्यक्ष भाकियू

यूपी सरकार का यह बजट बडे व्यापारी और उद्यमियों के लिए रहा है। इस बजट में किसानों को कोई लाभ नहीं दिया गया है। पूर्व में 30 रुपए प्रति कुंतल गन्ना वृद्धि कर उक्त बजट में दर्शा दिया गया है। किसानों को कोई विशेष लाभ इस बजट में नहीं दिया गया है।
योगेश शर्मा, प्रदेश महासचिव (पश्चिम) भारतीय किसान यूनियन

उत्तर परदेश सरकार का बजट सिर्फ कागजी है। बजाज शुगर मिलो के पेमेंट किसानो को अभी तक भी नहीं मिली है। इस बजट से किसानो को कुछ भी नहीं मिला है।
निखिल चौधरी, जिलाध्यक्ष भाकियू तोमर

यूपी सरकार ने बजट तो जारी कर दिया, लेकिन इस बजट में किसानों का ध्यान नहीं रखा गया है। किसानों को इस बजट में कोई लाभ नहीं दिया गया है। किसान सम्मान निधि में कोई बढोत्तरी नहीं की गई है। गन्ना मूल्य 500 रुपए प्रति कुंतल की आश थी, जो बजट में पूरी नहीं हो पायी है।
अंकित चौधरी, प्रदेश प्रभारी भारतीय किसान यूनियन अराजनितिक

उत्तर प्रदेश में कृषि बजट में वृद्धि करना अच्छा कदम, बजट में मुफ्त बिजली योजना को जारी रखने के लिए सरकार का आभार है।
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा आज विधानसभा में बजट पेश किया है। उत्तर प्रदेश के बजट में उल्लेखनीय वृद्धि हुए है। उत्तर प्रदेश की के किसानों ने उत्पादन में इतिहास रचा है। सरकार ने कृषि के बजट में वृद्धि करते हुए मुफ्त बिजली योजना को जारी रखा है। बजट में वृद्धि के लिए सरकार का धन्यवाद करते हुए मांग करते है कि प्रदेश में सिंचाई परियोजना, उन्नत बीज, कृषि यंत्रों की छूट में वृद्धि, पशुपालन के लिए अधिक खर्च करना चाहिए
धर्मेंद्र मलिक, राष्ट्रीय प्रवक्ता भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक

यूपी का किसान महंगाई की मार से परेशान किसानों को मिलना चाहिए था 500 रुपए प्रति कुंतल का भाव। किसानों को खाद बीच DAP पर मिलनी चाहिए 50% की छूट और जो बाढ ग्रस्त किसान को मुवावजा दिलवाया जाऐ सम्पूर्ण किसान कर्ज माफ किया जाऐ किसान को 60 वर्ष के बाद 10000 रू महीना पेशन दी जाऐ और सम्मान निधि 5000 रू कि जाऐ और सभी किसानों को इसका लाभ दिलवाया जाऐ ।

चौधरी संजीव तोमर राष्ट्रीय अध्यक्ष भाकियू तोमर

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