मुजफ्फरनगर। हिन्दुस्तान सिटी न्यूज


कम्पनी बाग में कटे हरे भरे और फलदार पेड प्रकरण में डीएफओं के आदेश के बाद भी दोषियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज नहीं हो पायी है। इस प्रकरण में शिकायतकर्ता सभासद राजीव शर्मा ने नगर पालिका ईओ को पत्र भेजा है। जिसमें उन्होंने कहा कि दोषियों पर कार्रवाई न होने के कारण पालिका प्रशासन और चेयरपर्सन की छवि घूमिल हो रही है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि सात दिन के अंदर दोषियों पर कोई कार्रवाई नहीं होती है तो फिर वह इस प्रकरण को लेकर कोर्ट जाएगे।
कंपनी बाग में जल निगम की सीएंडडीएस नगरीय इकाई के द्वारा सौन्दर्यकरण कराया जा रहा है। इस दौरान कम्पनी बाग में फलदायी पेडों को काट दिया गया। 13 अक्टूबर को हुई नगर पालिका बोर्ड बैठक में इस मामले को चेयरपर्सन के समक्ष सभासदों के द्वारा उठाया गया। उधर सभासद राजीव शर्मा ने डीएम से इस मामले की शिकायत की। डीएम उमेश मिश्रा ने एडीएम प्रशासन और एसपी क्राइम को जांच सौंपते हुए रिपोर्ट मांगी, जो अभी लम्बित है। 6 नवम्बर को मुख्मयंत्री योगी आदित्यनाथ से इस मामले की शिकायत की गई। मुख्यमंत्री के विशेष सचिव इशान प्रताप सिंह ने मामले की जांच एसीएस वन एवं पर्यावरण को सौंपी है। इसी प्रकरण में डीएफओ राजीव कुमार का गलत रिपोर्ट दिये जाने पर तबादला कर दिया गया। नए डीएफओ अभिनव राज ने शासन के निर्देश पर कंपनी बाग से काटे गये पेड़ों का मूल्यांकन करने के लिए दोबारा स्थलीय निरीक्षण किया और पूर्व में विभागीय स्तर पर दी गई रिपोर्ट को खारिज कर दिया। नगर पालिका के द्वारा एक जामुन, एक सिरस एक पाम प्रजाति के वृक्षों का मूल्यांकन कराया गया, लेकिन फलदार पेड़ों, जिनमें एक अमरूद व दो बेल पत्थर प्रजाति के वृक्षों का मूल्यांकन नहीं कराया गया। बगैर मूल्यांकन कराए वृक्षों को गिराना या उनका पतन करना गैरकानूनी है, जो गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। डीएफओ ने ईओ को पत्र भेजकर संबंधित व्यक्ति, संस्था के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश दिए थे। इसके बाद भी पालिका प्रशासन रिपोर्ट दर्ज नहीं करा पाया है। अब इस मामले में सभासद राजीव शर्मा कोर्ट जाने की तैयारी कर रहे है।







