मुजफ्फरनगर। हिन्दुस्तान सिटी न्यूज

एक ठेकेदार का कारनामा प्रकाश में आने पर चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरूप ने शहरी क्षेत्र में निर्माणाधीन सभी नालों की जांच करने के आदेश ईओ डा. प्रज्ञा सिंह को दिए है। उधर शहरी क्षेत्र में राज्य वित्त और 15वें वित्त आयोग की धनराशि से बन रहे नालों की नगर पालिका ईओ डा. प्रज्ञा सिंह ने जांच शुरू कर दी है। ईओ ने निर्माण विभाग के एई नेपाल सिंह से नालों की सूची मांगी है। जांच के दौरान जिस भी ठेकेदार के नाला निर्माण में गडबडी, अनियमितता और खामियां मिलेंगी उसे भविष्य में टेंडर नहीं दिया जाएगा। इस तरह की नगर पालिका प्रशासन के द्वारा रणनीति बनाई जा रही है।
शहरी क्षेत्र में चल रहे निर्माण कार्यों को लेकर एई और जेई उदासीन बने हुए है। उनके द्वारा मौके पर पहुंच कर निर्माण कार्यों का निरीक्षण भी नहीं किया जा रहा है। जिस कारण शहरी क्षेत्र में विभिन्न स्थानों पर चल रहे नाला निर्माण में स्वयं चेयरपर्सन ने मौके पर पहुंच कर अनियमितता और खामियां पकडी है। वार्ड संख्या तीन में बन रहे नाला निर्माण में ठेकेदार के द्वारा नियमों की धज्जियां उडा दी गई, लेकिन निर्माण विभाग के एई और जेई के द्वारा कोई संज्ञान नहीं लिया गया। यहां पर करीब 30 मीटर नाला बिना सरिया डाले बना दिया गया। जो चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरूप और ईओ डा. प्रज्ञा सिंह के द्वारा मौके पर कराई गई जांच में समाने आया है। इस तरह की गडबडी मिलने पर चेयरपर्सन ने ईओ को सभी निर्माणाधीन नालों की जांच करने के निर्देश दिए है। उधर अलमासपुर में हो रहे नाला निर्माण पर भी उंगलियां उठ रही है। वहीं अनियमितता और खराब गुणवत्ता के आरोप लग रहे है।

इन्होंने बताया
शहरी क्षेत्र में राज्य वित्त और 15वें वित्त आयोग से बन रहे सभी नालों की जांच शुरू कर दी गई है। एई निर्माण से नालों की सूची मांगी गई है। जांच के दौरान गडबडी, अनियमितता और खामियां मिलने पर संबंधित ठेकेदार के भुगतान पर रोक लगा दी जाएगी।
डा. प्रज्ञा सिंह, ईओ नगर पालिका






