मुजफ्फरनगर। हिन्दुस्तान सिटी न्यूज

जग्गाहेड़ी टोल प्लाजा पर टोल कर्मियों द्वारा किसानों के साथ किए गए अभद्र व्यवहार के विरोध में रविवार को भारतीय किसान यूनियन (तोमर) ने आर-पार की जंग का ऐलान करते हुए धरना प्रदर्शन किया। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी संजीव तोमर के आह्वान पर भारी संख्या में पहुंचे कार्यकर्ताओं को देखकर टोल कर्मियों में अफरा तफरी मच गई। किसानों के उग्र रूप को देखते हुए अभद्रता करने वाले दो कर्मचारियों को नौकरी से तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया। संगठन के पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं ने 17 सूत्रीय मांगों को लेकर एसडीएम को ज्ञापन दिया और 15 दिन का अल्टीमेट दिया है।
भाकियू तोमर के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजीव तोमर की घोषणा के बाद जिला प्रशासन एक्टिव मोड रहा है। 20 दिसंबर की सुबह से ही सीओ फुगाना, कोतवाल तितावी और कोतवाल छपार ने राष्ट्रीय अध्यक्ष संजीव तोमर से संपर्क साधना शुरू कर दिया था। देर शाम संगठन के राष्ट्रीय कार्यालय पर पुलिस अधिकारियों और टोल मैनेजरों के साथ करीब 1 घंटा 45 मिनट तक मैराथन वार्ता चली। हालांकि, अधिकारियों ने भविष्य में सुधार का आश्वासन दिया, लेकिन चौधरी संजीव तोमर ने पूर्व निर्धारित शांतिपूर्ण प्रदर्शन को रद्द करने से इंकार कर दिया। रविवार को जिला अध्यक्ष निखिल चौधरी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने जग्गाहेड़ी टोल पर पहुंच कर धरना दिया। निखिल चौधरी ने कहा कि सड़क नहीं तो टोल नहीं, पहले खराब सड़कों को सुधारा जाए, उसके बाद ही टोल वसूला जाए। किसानों के ट्रैक्टरों से किसी भी स्थिति में टोल न लिया जाए। टोल पर तैनात कर्मियों का पुलिस वेरिफिकेशन हो और अपराधिक इतिहास वाले कर्मियों को तुरंत हटाया जाए। टोल क्षेत्र की सड़कों पर लाइट और वृक्षारोपण की समुचित व्यवस्था की जाए। उधर संगठन के उपाध्यक्ष पुष्पेंद्र के साथ अभद्रता करने वाले दो टोल कर्मियों को तत्काल प्रभाव से नौकरी से निकाल दिया गया और प्रबंधन ने अपनी गलती स्वीकार की। जिला अध्यक्ष निखिल चौधरी ने कड़े लहजे में चेतावनी दी कि यदि 15 दिनों के भीतर सभी मांगों का समाधान नहीं हुआ, तो संगठन दोबारा महापंचायत करेगा। इस दौरान राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रतिनिधि पवन त्यागी, प्रदेश अध्यक्ष महबूब बालियान, पश्चिमी प्रदेश अध्यक्ष रिहान, युवा प्रभारी हसीर भंडूरा, दीपक तोमर, सोनू चौधरी, साजिद अल्वी, नौशाद अल्वी और आकिर राणा सहित सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित रहे।







